जशपुरनगर। 6 जुलाई को पुलिस कार्यालय स्थित सभाकक्ष में डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा अपराध समीक्षा बैठक लिया गया जिसमें समस्त राजपत्रित अधिकारीगण सहित थाना/चौकी प्रभारीगण, प्रशिक्षु उप निरीक्षकगण, सहित सभी शाखाओं के प्रभारीगण उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक द्वारा अनुविभागवार थाना/चौकी के लंबित प्रकरणों की जानकारी लिया गया एवं उसका निराकरण हेतू निर्देषित किया गया।
इसके पश्चात् डीआईजी एवं एसएसपी ने अनुभागवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग एवं शिकायत इत्यादि का बारीकी से समीक्षा कर लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया। निराकरण की दिषा में तेजी से कार्य करने वाले थाना/चौकी प्रभारी को पुरष्कृत करने की बात कही, इसके साथ ही अपराध निराकरण में कोताही बरतने वाले विवेचकों के विरूद्ध विभागीय दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी। डीआईजी एवं एसएसपी ने जिले के अपराध समीक्षा बैठक मे विवेचक के कार्यों की समीक्षा की, उन्होंने कहा कि उच्च स्तर की विवेचना की जाए, प्रकरण की विवेचना का अब समय निर्धारित कर दिया गया है, निर्धारित अवधि के भीतर पेंडिंग मामलों की जॉच पूर्ण कर ली जाये, राजपत्रित अधिकारियों को विवेचकों के कार्यों की प्रतिदिन मानीटरींग कर आवष्यक दिशा-निर्देश देने हेतु निर्देषित किया गया। उन्होंने समस्त थाना प्रभारियों एवं विवेचकों को स्पष्ट निर्देशित करते हुए कहा कि आपके अधिनस्थ, आपके द्वारा की जाने वाली विवेचना एवं दोषसिद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाए।
डीआईजी एवं एसएसपी ने द्वारा मीटिंग में उपस्थित थाना/चौकी प्रभारियों को कड़ी चेतावनी देते हुये कहा कि अवैध गतिविधियों में किसी तरह की संलिप्तता पाई जाती है तो संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। तत्पष्चात् डीआईजी एवं एसएसपी ने पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय एवं वरिष्ठ कार्यालयों से जारी परिपत्र एवं परवानों के निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। डीआईजी एवं एसएसपी ने जिले के अवैध शराब, अवैध कारोबार, गांजा तस्करी, जुआ, सट्टा, नशीली दवाओ के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने एवं लघु अधिनियम, आम्र्स एक्ट जैसे अनेक विषयों पर गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिये गये। सायबर सेल प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश कुमार समरथ को थाना/चौकी द्वारा चाही गई टेक्नीकल जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने हेतु निर्देषित किया गया इसके साथ ही सायबर टीप लाईन, सायबर पोर्टल प्रकरण एवं अन्य वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त षिकायतों का त्वरित निराकरण किये जाने हेतु निर्देषित किया गया।
पुलिस मितान से मिलकर कार्य करें – डीआईजी एवं एसएसपी
पुलिस मितान जशपुर पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य पुलिस एवं आमजन के बीच विश्वास, सहयोग एवं समन्वय को सुदृढ़ करना है। प्रत्येक थाना एवं चौकी प्रभारी अपने क्षेत्र के पुलिस मितानों से नियमित संपर्क बनाए रखें तथा उन्हें कानून-व्यवस्था, यातायात सुरक्षा, साइबर अपराध, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा अन्य जनहितकारी अभियानों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करें। थाना/चौकी प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि पुलिस मितानों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित कर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाए तथा क्षेत्र की समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की जाए। पुलिस मितानों से प्राप्त सूचनाओं एवं सुझावों पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करते हुए उन्हें पुलिस का विश्वसनीय सहयोगी बनाया जाए। पुलिस मितानों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम एवं वार्ड तक जनजागरूकता अभियान पहुंचाया जाए तथा नागरिकों को कानून का पालन करने, सडक़ सुरक्षा नियमों का अनुपालन करने, साइबर ठगी से बचाव, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा, नशा उन्मूलन एवं सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाए। पुलिस मितान केवल सूचना देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास का सशक्त सेतु है। थाना एवं चौकी प्रभारी इस व्यवस्था को प्रभावी बनाकर जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को और अधिक मजबूत करें। डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर ने कहा कि शिकायत के सम्बन्ध मे कोई भी व्यक्ति थाना/चौकी से निराश होकर न लौटे, सभी के साथ शालीनता एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें एवं सभी की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच हो, साथ ही विभिन्न घटित अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए, निगरानी बदमाश/गुंडा बदमाश की थाना मे लगातार बुलाकर और उसके निवास पर जाकर नियमित रूप से चेकिंग करते रहें। पैदल मार्च, कांबिंग गस्त और शाम को प्रभारी स्वयं क्षेत्र मे विजिबल पुलिसिंग के लिए निकले। शिकायतकर्ता की थाना में उचित सुनवाई हो जाये जिससे कि उन्हें वरिष्ठ कार्यालय आकर शिकायत करने की आवश्यकता न पड़े। ग्रामों से आने वाली षिकायतों पर उस ग्राम के प्रभारी सुरक्षा अधिकारी को दायित्व देने हेतु निर्देषित किया गया।
डीआईजी एवं एसएसपी ने जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्रों में बैरिकेड लगाकर सघन वाहन जांच अभियान संचालित करने के निर्देश दिये, अभियान के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले, तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाने वाले, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाने, शराब के नशे में वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जशपुर पुलिस का लक्ष्य एक्सीडेंट से होने वाली मौतों को कम करना है। उक्त अपराध समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी पत्थलगांव ध्रुवेश कुमार जायसवाल, एसडीओपी बगीचा श्री दिलीप कुमार कोसले, उप पुलिस अधीक्षक भावेश कुमार समरथ, समस्त थाना/चौकी प्रभारी, रीडर मुकेश झा एवं एवं कार्यालयीन शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।



