रायगढ़। शहर के टीवी टावर से लेकर मेडिकल कॉलेज तक जाने वाली मुख्य सडक़ इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की स्थिति इस कदर जर्जर और गड्ढेयुक्त हो चुकी है कि यहाँ से गुजरना किसी खतरनाक स्टंट से कम नहीं है। मौसम का मिजाज बदलते ही इस सडक़ पर चलने वाले राहगीरों की मुसीबतें दोगुनी हो जाती हैं। बारिश होते ही सडक़ में जगह-जगह पानी भर जाता है तो वहीं मौसम साफ होते ही उड़ती धूल के गुबार लोग परेशान हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि टीवी टावर से मेडिकल कॉलेज तक की सडक़ इन दिनों जर्जता का दंश झेल रहा है। करीब एक किलोमीटर की सडक़ में दर्जनों की संख्या में बने गड्ढे हर दिन मरीज व आमजनों को परेशान कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी इस सडक़ कर मरम्मत नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में राहगीरों का कहना है कि सडक़ पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण बारिश होते ही पानी भर जा रहा है। जिससे बड़े वाहन चालक तो किसी तरह निकल जा रहे हैं, लेकिन छोटे वाहन चालकों को काफी दिक्कत हो रही है। वहीं कई बार तो कार व अन्य वाहन जब तेजी से निकलती है तो बाइक व पैदल चल रहे लोगों पर उसके छिंटे भी पड़ रहे हैं। जिससे उनके कपड़े खराब हो जा रहे हैं। साथ ही बारिश के दौरान पानी भर जाने से यह समझ में नहीं आता कि कहां पर गड्ढा है, इससे बाइक की चक्का अचानक गड्ढे में जाने से अनियंत्रित होकर गिर जा रहे हैं, जिससे चोट भी लग जाता है, इसको लेकर अब राहगीरों में आक्रोश पनपने लगा है। साथ इस मार्ग पर मेडिकल कालेज व मेडिकल कालेज अस्पताल, एमसीएच होने के कारण यहां दिन रात लोगों का आना जाना लगा रहता है। जिससे अचानक गंदे पानी के छींटों से बचने के लिए लोग अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। साथ ही अगर इस मार्ग का समय रहते मरम्मत नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है।
मरीजों को ज्यादा समस्या
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस मार्ग मेडिकल कॉलेज अस्पताल और मदर एण्ड चाइल्ड अस्पताल जाता है। इस वजह से दिनभर इस सडक़ से गंभीर व बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और एम्बुलेंस का आना-जाना लगा रहता है। गड्ढों से भरी इस उबड़-खाबड़ सडक़ पर जब मरीजों को लेकर गाडिय़ां गुजरती हैं, तो उन्हें हिचकोलों का सामना करना पड़ता है। जिससे मरीजों को समस्या होती है। खासकर रात के समय ज्यादा दिक्कत होती है, क्योंकि इस मार्ग पर लाइट नहीं होने के कारण अंधेरा रहता है और कई बार गड्ढे नहीं दिखने से छोटे वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।



