रायगढ़। आपातकाल की विभीषिका स्मृति दिवस पर भारतीय जनता पार्टी, जिला रायगढ़ के आह्वान पर आज शहर में मशाल रैली का आयोजन किया गया। आज शाम ४ बजे भाजपा जिला कार्यालय से रैली प्रारंभ हुई। लोकतंत्र अमर रहे, आपातकाल कभी नही के नारों के साथ रैली गांधी प्रतिमा, सुभाष चौक, रामनिवास टॉकीज चौक, शहीद चौक, मिनीमाता चौक होते हुए जेल गेट पर संपन्न हुई। रैली में जिले के सभी ज्येष्ठ-श्रेष्ठ कार्यकर्ता,महापौर जीवर्धन चौहान नगर निगम के पार्षदगण, एमआईसी सदस्य, जिला भाजपा के समस्त पदाधिकारी, सभी मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी, समस्त जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ताओं की ओजपूर्ण उपस्थिति रही। जेल गेट पर रैली के समापन अवसर पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कांग्रेस ने संविधान को बंधक बनाया।२५ जून १९७५ भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन था। इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की धारा ३५२ का दुरुपयोग कर देश पर आपातकाल थोप दिया। उन्होंने बताया कि चुनाव स्थगित कर दिए गए, नागरिक अधिकार छीन लिए गए, प्रेस पर ताला लगा दिया गया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी समेत हजारों नेता जेल में डाल दिए गए। ३८०१ अखबार जब्त हुए, ३२७ पत्रकार मीसा में बंद हुए। यह कांग्रेस की तानाशाही थी। विकास केडिय़ा ने कहा कांग्रेस की तानाशाही आज भी जारी हैं। कांग्रेस ने आज भी तानाशाही नहीं छोड़ी है। अपनी सुविधा अनुसार संविधान को चलाना चाहती है। बांटो और राज करो कांग्रेस का मूलमंत्र रहा है।
मशाल रैली के संयोजक अरुण कातोरे ने कहा कि आज हम जिस आजादी की हवा में सांस ले रहे हैं, यह दूसरी आजादी है। पहली आजादी अंग्रेजों से मिली थी, दूसरी आजादी हमने कांग्रेस से लडक़र पाई। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद इंदिरा गांधी ने २५ जून १९७५ की रात आपातकाल लगा दिया। यह लोकतंत्र की हत्या थी। जेपी, नानाजी, वाजपेयी जी जैसे राष्ट्रवादियों के संघर्ष से लोकतंत्र बहाल हुआ। जिला भाजपा द्वारा लोकतंत्र की रक्षा हेतु संघर्ष करने वाले वीर सेनानियों एवं आपातकाल के दौरान हुए अत्याचारों को स्मरण कराने हेतु इस मशाल रैली का आयोजन किया गया था।
लोकतंत्र अमर रहे, आपातकाल कभी नहीं के नारो से गूंजा शहर, निकली मशाल रैली



