रायगढ़। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए आज नवा रायपुर में पिंक दीदी पिंक ई-ऑटो परियोजना के अंतर्गत द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं माननीय मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने संयुक्त रूप से 52 ई-ऑटो परिवहन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर ओपी चौधरी ने सभी 52 पिंक दीदियों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। मातृशक्तियों को ई-ऑटो की चाबी प्रदान कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। वित्त मंत्री स्वयं ई-ऑटो में सवार होकर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। ओपी चौधरी ने कहा कि पिंक ऑटो योजना का विस्तार 52 और महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह दे रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नारी शक्ति वंदन’ और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के ‘सशक्त नारी-समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को यह योजना साकार कर रही है। आज जिन बहनों को ई-ऑटो की चाबी मिली है, वे अब केवल यात्री नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी की ड्राइवर बन गई हैं। यह सम्मानजनक रोजगार है, स्वाभिमान की कमाई है। पिंक ई-ऑटो के 5 बड़े लाभ बताते हुए ओपी चौधरी ने कहा महिला चालक होने से महिला यात्रियों, छात्राओं और बुजुर्गों को सुरक्षित सफर का भरोसा मिलेगा। रात्रि में भी निडर होकर सफर कर सकेंगी। इस योजना से आर्थिक आत्मनिर्भरता का दावा करते हुए उन्होंने कहा हर पिंक दीदी को प्रतिमाह 15-20 हजार रुपये तक की नियमित आय होगी। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस योजना से पर्यावरण संरक्षण भी होगा। ई-ऑटो होने से प्रदूषण नहीं होगा, नवा रायपुर ग्रीन सिटी बनेगा। डीजल-पेट्रोल का खर्च बचेगा। कौशल विकास की संभावना जताते हुए ओपी ने कहा महिलाओं को ड्राइविंग, जीपीएस, डिजिटल पेमेंट का प्रशिक्षण दिया गया है। यह 21वीं सदी का रोजगार है। इस योजना के जरिए बड़ा सामाजिक बदलाव का दावा भी करते हुए उन्होंने कहा सडक़ पर महिला ऑटो चालक को देखकर समाज की सोच बदलेगी। बेटियां प्रेरित होंगी कि कोई भी काम असंभव नहीं।वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को हम पिंक ऑटो का मॉडल बनाएंगे। यहां 24&7 सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। आने वाले समय में इस योजना का विस्तार रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई तक किया जाएगा। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि साय सरकार की हर योजना के केंद्र में मातृशक्ति है। महतारी वंदन योजना से लेकर पिंक ऑटो तक, हर कदम बहनों को सशक्त बनाने के लिए है। चाबी पाने वाली महिलाओं ने कहा कि पहले घर चलाना मुश्किल था, अब हम खुद ऑटो चलाकर परिवार चलाएंगे। सरकार ने हमें पहचान दी है।



