रायपुर। प्रदेश में मोहर्रम-उर्स में डीजे, बैंड-बाजा और आतिशबाजी पर रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार तक का जुर्माना लगेगा। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने ये निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने प्रदेश की सभी ताजिया कमेटियों, दरगाह कमेटियों, उर्स कमेटियों, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों से कहा है कि, सभी धार्मिक कार्यक्रम केवल कुरान, हदीस और शरीयत के मुताबिक ही आयोजित किए जाए। बोर्ड ने आगे कहा कि मोहर्रम, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों में ष्ठछ्व, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना, आतिशबाजी और अन्य गैर-शरीयत गतिविधियों की किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं होगी। धार्मिक आयोजनों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना सभी संबंधित समितियों की जिम्मेदारी है।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि किसी जुलूस, उर्स या धार्मिक कार्यक्रम में बैन गतिविधियां पाए जाने पर संबंधित समिति और उसके जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पडऩे पर संबंधित समिति की मान्यता भी खत्म की जा सकती है। वक्फ बोर्ड ने यह भी कहा है कि, नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित समिति और इंतेजामिया पर 50 हजार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बोर्ड ने सभी आयोजकों से अपील की है कि वे कार्यक्रमों को पूरे अदब, एहतराम और अनुशासन के साथ संपन्न कराएं और किसी भी विवाद या अनुचित गतिविधि से बचें। वक्फ बोर्ड ने प्रदेश के मुस्लिम समाज से हजरत इमाम हुसैन और शहीद-ए-कर्बला की कुर्बानियों की याद में मोहर्रम को सादगी, इबादत, सब्र और अखलाक के साथ मनाने की अपील की है। साथ ही सभी मस्जिदों के इमाम साहबान, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि इस ऐलान को जुमे की नमाज से पहले पढक़र सुनाया जाए और मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया जाए।
मोहर्रम-उर्स में डीजे, बैंड और आतिशबाजी पर लगी रोक
शरीयत के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किए जाए : वक्फ बोर्ड



