खरसिया। नगर पालिका की लापरवाही का आलम यह है कि उसके ही वाहन और कबाड़ पिछले करीब 9 सालों से दो स्कूलों के बीच डंप पड़े हैं। एक ओर गर्ल्स हाई स्कूल है तो दूसरी ओर कॉन्वेंट स्कूल, और ठीक बीच में सड़ रहा यह कबाड़ न केवल सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए खतरा बना हुआ है, बल्कि शहर की सुंदरता पर भी बदनुमा दाग है। कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल पांडे मैडम एवं गर्ल्स हाई स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल राठिया ने बताया कि वे कई बार नगर प्रशासन को लिखित आवेदन देकर इस कबाड़ को हटाने की मांग कर चुके हैं। ऐसे में स्कूल टाइम में बदबू, मच्छर और आवारा जानवरों का जमावड़ा रहता है। बच्चे डरते हैं। कई बार सांप-बिच्छू भी निकल चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद जब सीएमओ विक्रन भगत से निवेदन किया गया तो उन्होंने आश्वासन दिया था कि यह कानूनी प्रक्रिया है, 20 दिन का समय दीजिए, मैं साफ करवा देता हूं। लेकिन उस वादे को भी 2 साल से अधिक बीत चुके हैं और हालात जस के तस हैं। उल्टा दिनोंदिन कबाड़ का ढेर बढ़ता ही जा रहा है। बारिश के दिनों में कबाड़ में पानी भरने से डेंगू-मलेरिया का खतरा बना रहता है। वहीं टूटे वाहनों में नुकीले सरिए, कांच आदि भी छात्रों को चुभ सकते हैं। बदबू और गंदगी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। अभिभावकों का कहना है कि नगर पालिका का काम शहर को साफ रखना है, पर वह खुद ही स्कूलों के बीच कचरा घर बना रही है। ऐसे में लोगों ने कलेक्टर से हस्तक्षेप कर तुरंत कबाड़ हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करने की सोची है।



