रायगढ़। जिले में नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने और दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय नाबालिग की मां ने पुसौर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 अगस्त 2025 को वह और उसके पति मजदूरी करने गए थे। घर पर उनकी बेटी अपनी भाभी के साथ थी। नाबालिग ने दुकान जाने की बात कहकर घर से निकली, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के दौरान 27 अगस्त 2025 को पीडि़ता को उसके पिता थाने लेकर पहुंचे। महिला पुलिस अधिकारी के सामने दिए बयान में पीडि़ता ने बताया कि बुधनाथ उर्फ विनय चौहान उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर गेरवानी स्थित अपने घर ले गया था। पीडि़ता ने बताया कि आरोपी ने वहां कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2)(एम), 87 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई पॉक्सो न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र साहू की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 6 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। मामले में विशेष लोक अभियोजक गोविंद नारायण ने पैरवी की।
किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी को 20 साल की कैद



