रायगढ़। 28-29 अप्रैल की दरम्यानी रात थाना भूपदेवपुर पुलिस रात्रि गश्त पर थी, तभी ग्राम कछार क्षेत्र में लाल रंग की बोलेरो में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से घेराबंदी की गई। पुलिस और डॉयल 112 वाहन को देखकर तस्कर वाहन लेकर भागने लगे, लेकिन खेत की मेड़ में वाहन फंस जाने पर आरोपी वाहन छोडक़र अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।
मौके पर छोड़े गए वाहन की तलाशी लेने पर उसमें दो गौवंश बिना चारा-पानी के, पैर बांधकर अमानवीय स्थिति में पाए गए, जिन्हें सुरक्षित मुक्त कराया गया। मौके से तमंसउम कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। थाना भूपदेवपुर में पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग द्वारा मुक्त कराए गए गौवंशों का पशु चिकित्सकीय परीक्षण कराकर उनके लिए चारा-पानी की समुचित व्यवस्था कराई गई।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि तस्करों ने पहचान छिपाने के लिए वाहन में मोटरसाइकिल का फर्जी नंबर प्लेट लगाया था। वाहन के इंजन, चेसिस नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने ग्राम कछार निवासी परशुराम राणा और यादराम राठिया की संलिप्तता के प्रमाण जुटाए। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हेमसागर सारथी के साथ मिलकर ओडिशा के एक व्यक्ति के संपर्क में रहकर गौवंश को बूचडख़ाने पहुंचाने की योजना स्वीकार की। आरोपियों से नकदी रकम जब्त कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
गौवंश तस्करी मामले में दो तस्कर गिरफ्तार
वाहन में मोटरसाइकिल का फर्जी नंबर प्लेट लगाकर तस्करी की साजिश



