रायगढ़। भारत सरकार की पीएम-राहत (प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एण्ड एस्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना का कलेक्टर के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के तहत सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर के दौरान त्वरित एवं कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
योजना अंतर्गत सडक़ दुर्घटना में घायल मरीजों को अधिकतम 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार जिले के पंजीकृत शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में तत्काल उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे गंभीर घायलों की जान बचाई जा सके। जिले में पीएम-राहत योजना का शुभारंभ किया जा चुका है तथा योजना के सफल संचालन हेतु जिले के कुल 57 शासकीय एवं 20 निजी अस्पतालों को शामिल किया गया है। इन अस्पतालों में सडक़ दुर्घटना से घायल मरीजों को निर्धारित प्रावधानों के तहत त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य सडक़ दुर्घटना में घायलों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि गोल्डन ऑवर के दौरान सही समय पर उपचार मिलने से मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। योजना के संबंध में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि सडक़ दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को तत्काल निकटतम पंजीकृत अस्पताल पहुंचाकर योजना का लाभ दिलाएं।
सडक़ दुर्घटना के घायलों को मिल रही पीएम-राहत योजना की सुविधा
योजना के तहत घायलों को 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार उपलब्ध



