रायगढ़। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में कुष्ठ रोग की पहचान, उपचार एवं पुनर्वास को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में किरोड़ीमल शासकीय जिला चिकित्सालय, रायगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय विशेष कुष्ठ विकृति सुधार शल्य चिकित्सा शिविर के माध्यम से मरीजों को नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। साथ ही मेडिकल कॉलेज के लेक्चर हॉल में कुष्ठ रोग विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गा शंकर पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सेमिनार में जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा, नोडल अधिकारी डॉ. सुमित मंडल, डॉ. कैनन डेनियल, सुश्री गायत्री धु्रव एवं सुश्री रेखा राठौर सहित मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर्स, मेडिकल छात्र एवं नर्सिंग स्टाफ की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत सरकार के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. के. एम. कांबले (आर.एल.टी.आर.आई., रायपुर) ने कुष्ठ रोग के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच एवं उपचार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान होने पर गंभीर विकृतियों से बचा जा सकता है। विशेष शल्य चिकित्सा शिविर के दौरान पिछले 3-4 दिनों में कुष्ठ रोग से प्रभावित 22 मरीजों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। इनमें ऐसे मरीज शामिल थे जिनके हाथों की उंगलियां मुड़ गई थीं, जिससे वस्तु पकडऩे में कठिनाई होती थी, तथा कुछ मरीज चलते समय पैर को ठीक से उठा नहीं पाते थे, जिससे चलने में परेशानी होती थी। ऑपरेशन के बाद मरीजों के बेहतर पुनर्वास के लिए फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हाथ-पैर की कार्यक्षमता में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। जिले में स्वास्थ्य विभाग, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से कुष्ठ उन्मूलन अभियान को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार और राहत मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज में जागरूकता सेमिनार का आयोजन
कुष्ठ उन्मूलन अभियान में 22 मरीजों का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन



