NavinKadamNavinKadamNavinKadam
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
      • खरसिया
      • पुसौर
      • धरमजयगढ़
    • सारंगढ़
      • बरमकेला
      • बिलाईगढ़
      • भटगांव
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Reading: गर्मी और पानी की कमी से जलजनित बीमारियों का खतरा
Share
Font ResizerAa
NavinKadamNavinKadam
Font ResizerAa
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
    • सारंगढ़
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Follow US
  • Advertise
© 2022 Navin Kadam News Network. . All Rights Reserved.
NavinKadam > रायपुर > गर्मी और पानी की कमी से जलजनित बीमारियों का खतरा
रायपुर

गर्मी और पानी की कमी से जलजनित बीमारियों का खतरा

जॉन्डिस और टायफाइड के मरीजों में बढोतरी

lochan Gupta
Last updated: April 25, 2026 11:37 pm
By lochan Gupta April 25, 2026
Share
5 Min Read

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में तेज गर्मी और पानी की कमी के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. गंदे या दूषित पानी के इस्तेमाल से पीलिया और मियादी बुखार (टायफाइड) के मरीजों में वृद्धि हो रही है. महामारी संचालक डॉ. सुरेन्द्र पामभोई ने बताया कि इस साल अभी तक प्रदेश में लक्षण आधारित टायफाइड के 8,756 मरीज चिह्नित किए गए हैं. पिछले साल अप्रैल तक यह संख्या 10,954 थी. वहीं लैब कन्फर्म्ड टायफाइड के मामले विगत वर्ष के 247 की जगह इस बार केवल 124 ही रिपोर्ट हुए हैं.
तीव्र हेपेटाइटिस के मामले अभी काफी कम हैं. इस साल 12 रिपोर्ट किए गए, जबकि पिछले साल 61 थे. राज्य स्तर पर साप्ताहिक सर्वेलेंस रिपोर्ट के मुताबिक, 15वें सप्ताह में इस साल की स्थिति पिछले साल (2025) की तुलना में बेहतर है. हेपेटाइटिस ई और कोलेरा के पॉजिटिव केस एक भी नहीं मिले हैं. डॉ. पामभोई ने कहा कि हेपेटाइटिस और टायफाइड के इलाज के लिए पहले से गाइड लाइन जारी किया गया है. इस साल इन बीमारियों से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है.
गंदे पानी से पीलिया और टायफाइड फैलता है. जहां पाइपलाइन से पानी साफ नहीं आ रहा हो, वहां पानी को अच्छी तरह उबालकर ठंडा करके ही पिएं. पीलिया या टायफाइड के लक्षण बुखार, थकान, पीलापन, पेट दर्द आदि दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर इलाज न होने पर जान को खतरा हो सकता है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्वच्छ पानी का उपयोग करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें. बढ़ती गर्मी में पानी की कमी और दूषित स्रोतों से बचाव जरूरी है. टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से होता है. यह दूषित पानी, खाना या गंदी हाथों से फैलता है.गर्मी के मौसम में पानी की कमी और प्रदूषण बढऩे से इसका खतरा ज्यादा हो जाता है पीलिया खुद कोई बीमारी नहीं, बल्कि लीवर की समस्या का लक्षण है. रायपुर-छत्तीसगढ़ में यह अक्सर हेपेटाइटिस ई या अन्य वायरल संक्रमण से होता है, जो गंदे पानी से फैलता है
हेपेटाइटिस ई से बचाव के लिए स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण है कोई आम वैक्सीन भारत में व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं, हेपेटाइटिस ई से होने वाला पीलिया ज्यादातर खुद ठीक हो जाता है, लेकिन डॉक्टर की निगरानी जरूरी है. आराम, हल्का भोजन (चावल, दाल, फल, सब्जियां), खूब पानी और दवाएं (जो डॉक्टर दें) लें. गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती की जरूरत पड़ सकती है. दोनों ही बीमारियों में घरेलू उपचार या बिना डॉक्टर के एंटीबायोटिक, दवा लेना बेहद खतरनाक है.
टाइफाइड में गलत या अधूरी एंटीबायोटिक से बैक्टीरिया रेजिस्टेंट हो जाते हैं, इलाज मुश्किल और महंगा हो जाता है. बिना जांच के दवा लेने से लीवर या आंतों को नुकसान पहुंच सकता है. पीलिया में गलत इलाज से लीवर फेलियर या अन्य जटिलताएं हो सकती हैं. दोनों बीमारियों में देरी से आंतों में छेद, खून की कमी, बेहोशी या मौत का खतरा बढ़ जाता है. लक्षण दिखते ही नजदीकी डॉक्टर या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। ब्लड टेस्ट या लिवर फंक्शन टेस्ट से सही डायग्नोसिस होता है. खुद दवा न लें, खासकर एंटीबायोटिक. समय पर सावधानी बरतें उबला पानी पिएं, सफाई रखें और लक्षण पर तुरंत डॉक्टर दिखाएं. रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में पानी की व्यवस्था सुधारने की जरूरत है, ताकि ऐसे संकट कम हों.

मुख्य लक्षण

  • त्वचा और आंखों का पीला पडऩा
    गहरे पीले रंग का पेशाब
    हल्का या मिट्टी जैसे रंग का मल
    भूख न लगना, उल्टी-मतली
    पेट में दर्द, थकान और कमजोरी
    कभी-कभी हल्का बुखार या जोड़ों में दर्द
    बचाव के उपाय : साफ पानी ही पिएं- उबालकर या क्रह्र/ङ्क फिल्टर से।
    हाथों की सफाई और स्वच्छता बनाए रखें।
    सडक़ के खाने या बाहर का अधपका खाना खाने से बचें।

You Might Also Like

15 तक धान खरीदी के अंतर की राशि एकमुश्त मिलेगा- सीएम साय

मुख्यमंत्री साय से मिले प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी

राज्योत्सव पर वायु सेना की टीम का रोमांचक एयर शो

नक्सल पीडि़त परिवारों के परिजनों को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति : सीएम साय

पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email
Previous Article डीआरएम की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय पीएनएम एवं रनिंग स्टाफ बैठक सफलतापूर्वक संपन्न
Next Article मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह में एसईसीएल को राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 10 में मिला स्थान

खबरें और भी है....

मुख्यमंत्री की तत्परता से मिनटों में हरकत में आया प्रशासन
ईसाई धर्म के प्रचार के लिए फॉरेन फंडिंग, सांसद संतोष बोले- भूपेश के कार्यकाल में हुआ
मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टरों ने युवक से की मारपीट
4 मई से 10 जून तक जिले में लगेंगे जनसमस्या निवारण शिविर
कुरुकूट नदी का सीना चीर रहे रेत तस्कर

Popular Posts

डेंगू से निपटने निगम और स्वास्थ्य की टीम फील्ड पर,पिछले 5 साल के मुकाबले इस साल केसेस कम, फिर भी सतर्कता जरूरी
जहां रकबे में हुई है वृद्धि पटवारियों से करवायें सत्यापन-कलेक्टर श्रीमती रानू साहू,मांग अनुसार बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री की तत्परता से मिनटों में हरकत में आया प्रशासन
मेगा हेल्थ कैंप का मिला फायदा, गंभीर एनीमिया से पीड़ित निर्मला को तुरंत मिला इलाज
स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों का शत-प्रतिशत जारी करें जाति प्रमाण पत्र,कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने बैठक लेकर राजस्व विभाग की कामकाज की समीक्षा

OWNER/PUBLISHER-NAVIN SHARMA

OFFICE ADDRESS
Navin Kadam Office Mini Stadium Complex Shop No.42 Chakradhar Nagar Raigarh Chhattisgarh
CALL INFORMATION
+91 8770613603
+919399276827
Navin_kadam@yahoo.com
©NavinKadam@2022 All Rights Reserved. WEBSITE DESIGN BY ASHWANI SAHU 9770597735
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?