रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में फिर से एक हाथी के बच्चे का शव मिला है, जिसकी जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि प्राथमिक जांच में हाथी शवक के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं, ऐसे में पीएम उपरांत बिसरा जांच के लिए बाहर भेजने की बात कही जा रही है। उक्त मामला लैलूंगा वन परिक्षेत्र का है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को सुबह हाथी मित्र दल लैलूंगा वन परिक्षेत्र के चिल्कागुड़ा और अंडोडेरा क्षेत्र में हाथियों की ट्रैकिंग कर रहे थे। इसी दौरान कक्ष क्रमांक 176 आरएफ में एक शावक का शव पड़ा मिला। जिससे इसकी सूचना तत्काल एसडीओ, रेंजर समेत वन विभाग के अधिकारियों को दिया। जिससे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी शवक के मौत के कारणों को जानने के लिए जांच शुरू किया, जिसमें प्राथमिक जांच में उक्त शावक का उम्र लगभग माह भर बताया जा रहा है, लेकिन उसके शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं होने से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। ऐसे में विभाग द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया और उसका सैंपल बरेली लैब भेजा जा रहा है, ताकि जांच उपंरात मौत के कारणों का खुलासा हो सके।
13 हाथियों का दल कर रहा विचरण
बताया जा रहा है कि लैलूंगा रेंज में विगत कई दिनों से 13 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस दल में 1 नर 7 मादा के अलावा 5 हाथी के बच्चे शामिल थे। जिसमें मृत शावक इसी दल का हिस्सा था और उसकी उम्र लगभग 1 माह बताई जा रही है। वहीं इन हाथियों के दल पर वन विभाग की नजर बनी हुई है। ऐसे में जिस क्षेत्र की तरफ ये दल बढ़ रहा है उस क्षेत्र के लोगों को मुनादी कर सजग किया जा रहा है, ताकि कोई अनहोनी न हो सके।
इंफेक्शन की आशंका
लैलूंगा सबडिविजन के एसडीओ एमएल सिदार के अनुसार, अभी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक तौर पर किसी इंफेक्शन की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।



