NavinKadamNavinKadamNavinKadam
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
      • खरसिया
      • पुसौर
      • धरमजयगढ़
    • सारंगढ़
      • बरमकेला
      • बिलाईगढ़
      • भटगांव
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Reading: 14 अप्रैल सिर्फ तारीख नहीं बल्कि युग का जन्मदिवस : नारायण चंदेल
Share
Font ResizerAa
NavinKadamNavinKadam
Font ResizerAa
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
    • सारंगढ़
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Follow US
  • Advertise
© 2022 Navin Kadam News Network. . All Rights Reserved.
NavinKadam > रायगढ़ > 14 अप्रैल सिर्फ तारीख नहीं बल्कि युग का जन्मदिवस : नारायण चंदेल
रायगढ़

14 अप्रैल सिर्फ तारीख नहीं बल्कि युग का जन्मदिवस : नारायण चंदेल

बाल भीम ने शिक्षा के कलम से तोड़ी भेदभाव कुरीतियों की मजबूत दिवाल : रुण धर दीवान

lochan Gupta
Last updated: April 21, 2026 12:08 am
By lochan Gupta April 21, 2026
Share
12 Min Read

संविधान दिवस घोषित कर बाबा साहेब के योगदान को राष्ट्रीय स्मृति में भाजपा ने दिया स्थान : विलिस गुप्ता, शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो- इस महामंत्र के आलोक में जिला भाजपा के एक वैचारिक संगोष्ठी सम्पन्न

रायगढ़। 14 अप्रैल केवल एक तारीख नहीं बल्कि एक युग का जन्मदिवस है। इस दिन महू की धरती पर एक ऐसा सूर्य उदित हुआ जिसने सदियों से अंधकार में डूबी मानवता को समानता, स्वतंत्रता और बंधुता का शाश्वत प्रकाश दिया। भारत रत्न, संविधान शिल्पी, आधुनिक भारत के मनु, श्रमिकों के मसीहा, महिलाओं के मुक्तिदाता, बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की पावन जयंती के पवित्र अवसर पर एक वैचारिक संगोष्ठी के रूप में उनका पुण्य-स्मरण करते हुए भाजपा नेता पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा यह संगोष्ठी केवल माल्यार्पण और भाषण तक सीमित नहीं है। बल्कि इसका लक्ष्य बाबा साहेब के जीवन के पहलुओं को पढऩा, समझना और जीना है। नारायण चंदेल ने संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता कहा भाजपा के हर कार्यकर्ता के लिए बाबा साहेब का जीवन प्रेरणा दाई है। नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने बाबा साहेब के जीवन से जुड़े संघर्ष और शिखर तक पहुंचने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा महाड़ का सत्याग्रह, कालाराम मंदिर प्रवेश, गोलमेज सम्मेलन, पूना पैक्ट, हिंदू कोड बिल ये केवल घटनाएँ नहीं, मानव-मुक्ति के मील के पत्थर हैं। जिस बालक को स्कूल में पानी तक नसीब नहीं था, उसी ने कोलंबिया और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टरेट की। जिस समाज ने उन्हें अछूत कहा, उसी समाज के लिए उन्होंने दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान रच दिया। यह संगोष्ठी युवा पीढ़ी को संदेश देने देगी कि परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत हो संकल्प का कोई दूजा विकल्प नहीं है। बाबा साहेब के विचार कल भी प्रासंगिक है आज भी है और आने वाले कल में भी प्रासंगिक रहेंगे। बाबा साहेब किसी वर्ग विशेष के नेता नहीं थे वे पूरे राष्ट्र , पूरी मानवता के नेता थे। उनके आर्थिक विचार ‘States and Minorities और Problem of the Rupee’ आज भी RBI की नीतियों की बुनियाद हैं। उनका श्रम-कानून, महिला-अधिकार, जल-नीति और विदेश-नीति पर चिंतन आज 2026 के भारत में और अधिक प्रासंगिक है। बाबा साहेब के संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा यह संगोष्ठी सिर्फ तालियों के लिए नहीं बल्कि तीन संकल्पों से सार्थक होगी। बाबा साहेब में शिक्षित बनो के नारे पर जोर देते हुए कहा था डिग्री के लिए नहीं, तर्क और विवेक के लिए पढ़ो। बाबा साहेब कहते थे ‘शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वो दहाड़ेगा। संगठित रहो का नारा बुलंद करते हुए उन्होंने कहा था कि जाति, भाषा, प्रांत से ऊपर उठकर संवैधानिक मूल्यों के लिए एक हो जाओ। बिखराव ही शोषण की जड़ है। संघर्ष करो की सीख देते हुए कहा अन्याय के विरुद्ध, अज्ञान के विरुद्ध, अपने ही भीतर के डर के विरुद्ध संघर्ष करना है लेकिन यह संघर्ष नफरत से नहीं, संविधान के रास्ते से होगा। नारायण चंदेल जी ने कहा बाबा साहेब कोई व्यक्ति नहीं, विचार हैं। और विचार तब तक मरते नहीं जब तक उन्हें जीने वाले जिंदा हैं। कार्यकताओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा सब मिलकर यह प्रण लें कि बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाएंगे। जहाँ जन्म नहीं कर्म पूजा जाएगा, जहाँ किताब कंधे पर होगी और कलम हाथ में, जहाँ बंधुता केवल शब्दकोश का शब्द नहीं, रोजमर्रा का व्यवहार होगी। भीमराव अंबेडकर के विचारों का जिक्र करते हुए चंदेल जी ने कहा बाबा साहेब ने कहा था कि मैं उस धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है। उनके विचार भारत की राजनीति में आज प्रासंगिक है। आयोजन के विशिष्ट अतिथि जिला भाजपा अध्यक्ष अरूणधर दीवान ने कहा मोदी सरकार ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संस्मरणों और विरासत को शाश्वत रूप से जीवित रखने के लिए कई ठोस और संस्थागत प्रयास किए हैं। मोदी सरकार का सबसे बड़ा कदम है ‘पंचतीर्थ’ का विकास।
मोदी सरकार ने बाबा साहेब के जीवन से जुड़े 5 प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित किया है। उनकी जन्मभूमि महू, मध्य प्रदेश में है यह डॉ. अंबेडकर का जन्मस्थान है। यहाँ स्मारक का विकास किया गया। उनकी शिक्षा भूमि – लंदन 10, किंग हेनरी रोड स्थित वो मकान जहाँ बाबा साहेब पढ़ाई के दौरान रहे। भारत सरकार ने इसे अधिग्रहीत कर डॉ. अंबेडकर मेमोरियल* बनाया। उनकी दीक्षा भूमि नागपुर, महाराष्ट्र है 14 अक्टूबर 1956 को यहीं 5 लाख लोगों के साथ बाबा साहेब ने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। उनकी महापरिनिर्वाण भूमि 26, अलीपुर रोड, दिल्ली में हुआ यहाँ बाबा साहेब ने अंतिम सांस ली। 2018 में पीएम मोदी ने डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक* का उद्घाटन किया। ये स्मारक संविधान की किताब के आकार में बना है। उनकी चैत्य भूमि दादर, मुंबई में है बाबा साहेब का समाधि स्थल। यहाँ भव्य स्मारक और प्रतिमा निर्माण की पहल की गई। अरूणधर दीवान ने पीएम मोदी के बयान का जिक्र करते हुए बताया कि ये।पांच तीर्थ सिर्फ ईंट-गारे की इमारत नहीं, बल्कि आचार-विचार के सबसे बड़े संस्थान हैं। 14 अप्रैल 2016 को पीएम मोदी मऊ स्थित बाबा साहेब के जन्मस्थान पर जाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने*। मध्यप्रदेश सरकार ने भी 2008 में वहाँ स्मारक बनाया था। 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ घोषित कर भाजपा ने संविधान निर्माण में बाबा साहेब के योगदान को राष्ट्रीय स्मृति में स्थान दिया। भीम एप’ लॉन्च करते हुए डिजिटल भुगतान और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा दिया। डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर 15 जनपथ, दिल्ली में 2017 में शुरू किया।बाबा साहेब के लेखन को डिजिटाइज कर आम लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।100+ शोधार्थियों को रुस्श्व और कोलंबिया यूनिवर्सिटी भेजा गया, जहाँ बाबा साहेब पढ़े थे। राज्य सरकारों द्वारा पंचतीर्थ दर्शन योजनाएं लाई गई। मोदी सरकार की प्रेरणा से कई बीजेपी शासित राज्यों ने निशुल्क पंचतीर्थ यात्रा योजनाएं शुरू कीं। मध्य प्रदेश में पंचतीर्थों को ‘मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना’ में जोड़ा गया। महू में धर्मशाला निर्माण और डॉ. अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विवि को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने की घोषणा की गई राजस्थान में ‘अंबेडकर तीर्थ योजना’ के तहत स्ष्ट वर्ग को पंचतीर्थ की निशुल्क रेल यात्रा। लंदन स्थित शिक्षा स्थली की यात्रा की तैयारी की जा रही। इसके लिए 1 करोड़ का बजट का प्रावधान करते हुए , साल में 1000 लोगों को भेजने का लक्ष्य रखा गया। उत्तर प्रदेश में डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ स्वीकृत की गई। हर विधानसभा में 10 स्मारकों के विकास हेतु , 403 करोड़ का प्रावधान किया गया। बतौर वक्ता जिला भाजपा उपाध्यक्ष विलिस गुप्ता ने कहा बाबा साहेब अर्थ शास्त्र में भारत के पहले पीएचडी होल्डर थे इसके योग्यता के बावजूद उन्हें वित्त मंत्रालय की बजाय कानून मंत्रालय दिया गया। कांग्रेस ने उनसे सौतेला व्यवहार किया।1990 में भाजपा समर्थित सरकार ने ही बाबा साहेब को ‘भारत रत्न’* दिया और संसद में उनका चित्र लगाया। 125वीं जयंती 120 देशों में मनाई गई ताकि सामाजिक न्याय में उनका योगदान वैश्विक मंच तक पहुंच सके। मोदी सरकार ने बाबा साहेब को सिर्फ प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि नहीं दी, बल्कि पंचतीर्थ विकास, संविधान दिवस, डिजिटल पहल और तीर्थ-दर्शन योजनाओं* के जरिए उनकी विरासत को आने वाली पीढिय़ों के लिए जीवंत संस्थान बना दिया।

कांग्रेस ने बाबा साहेब के साथ भेदभाव किया

भाजपा नेताओं ने संगोष्ठी के दौरान बाबा साहेब के जीवन को अनुकरणीय बताया वही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के साथ कांग्रेस के विवादित रिश्तों का भी जिक्र किया। कांग्रेस द्वारा बाबा साहेब के अपमान की फेहरिस्त का जिक्र करते हुए कहा 1952 का पहला लोकसभा चुनाव बाबा साहेब ने मुंबई नॉर्थ से चुनाव लड़ा। कांग्रेस ने उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारा और खुद जवाहरलाल नेहरू प्रचार करने गए। जिससे बाबा साहेब चुनाव हार गए।1954 में भंडारा उपचुनाव में कांग्रेस ने उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारा और बाबा साहेब दोबारा लोकसभा नहीं पहुँच पाए। “कांग्रेस ने बाबा साहेब को लोकसभा पहुंचने से रोकने के लिए बार बार कांटे बिछाए। पंडित ” श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रयासों से वे राज्यसभा पहुंचे।संसद भवन में तस्वीर नहीं लगाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कांग्रेस के शासनकाल में संविधान निर्माता बाबा साहेब की एक भी तस्वीर संसद भवन में नहीं लगाई गई*। 1990 में जब वी.पी. सिंह सरकार को बीजेपी का समर्थन था, तब अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों से संसद में तस्वीर लगी। भारत रत्न देने में देरी किए जाने का जिक्र करते हुए कहा बाबा साहेब का महापरिनिर्वाण 6 दिसंबर 1956 को हुआ। उन्हें भारत रत्न 1990 में इस समय दिया गया, जब केंद्र में वी.पी. सिंह की सरकार थी जिसे बीजेपी का समर्थन था। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासन में उन्हें ये सम्मान नहीं दिया कैबिनेट में और संविधान सभा में सम्मान नहीं दिया गया। जब बाबा साहेब ने सामाजिक न्याय और समानता की बात की, तब कांग्रेस ने उनके साथ सौतेला व्यवहार किया। कांग्रेस ने न तो उन्हें संविधान सभा में सहज अवसर दिया, न ही योगदान का उचित सम्मान किया। 1951 में बाबा साहेब ने महिलाओं को अधिकार देने वाला हिंदू कोड बिल पेश किया। नेहरू समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने विरोध किया। नतीजतन 27 सितंबर 1951 को बाबा साहेब ने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया यह कदम कांग्रेस द्वारा उनके विचारों को न अपनाने के रूप में देखा जाता है। कांग्रेस ने हमेशा डॉ. अंबेडकर का अपमान किया और उनके विचारों को कभी आत्मसात नहीं किया। जबकि भाजपा ने पंचतीर्थ, संविधान दिवस, भीम एप जैसे कदम उठाए।
मंचस्थ अतिथि
मंचस्थ अतिथियों में जीवर्धन चौहान, सुभाष पाण्डे,विवेक रंजन,जतीन साव, विनायक पटनायक, डॉ शिन्दे, प्रदीप श्रृंगी मोहन कुर्रे को मौजूदगी रही। वक्ताओं को मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल संतोष साहू अभिलाष कछवाहा पावन अग्रवाल सहित भारतीय अनुसूचित जाति मोर्चा रायगढ़ महिला मोर्चा के पदाधिकारियों ने श्रवण किया।

You Might Also Like

निजी घर में बने चर्च तोडऩे पहुंचे हिंदू संगठन के लोग

शराब के नशे में टांगी से दोस्त की हत्या, तमनार के आमाघाट फिटिंगपारा की घटना

शहर में 16 को होगी वोट अधिकार यात्रा

डोंगीतराई विद्यालय को मिला वाटर कूलर की सौगात

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने 17 को मताधिकार का उपयोग करने की अपील

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email
Previous Article श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव
Next Article समर कैम्प में छात्रों ने बनाए पक्षियों के लिए घोंसले

खबरें और भी है....

नारी शक्ति के सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं, विधानसभा में लाएंगे निंदा प्रस्ताव-सीएम साय
जिले की आद्यशा ने रचा इतिहास, सीबीएसई 10वीं में 99.8 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में अव्वल, कलेक्टर ने किया सम्मानित
निर्मोही मां ने मासूम बेटे का सिर कुचलकर मारडाला
60 किलो गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
डंडे से प्रहार कर पत्नी को उतारा मौत के घाट

Popular Posts

डेंगू से निपटने निगम और स्वास्थ्य की टीम फील्ड पर,पिछले 5 साल के मुकाबले इस साल केसेस कम, फिर भी सतर्कता जरूरी
जहां रकबे में हुई है वृद्धि पटवारियों से करवायें सत्यापन-कलेक्टर श्रीमती रानू साहू,मांग अनुसार बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश
नारी शक्ति के सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं, विधानसभा में लाएंगे निंदा प्रस्ताव-सीएम साय
मेगा हेल्थ कैंप का मिला फायदा, गंभीर एनीमिया से पीड़ित निर्मला को तुरंत मिला इलाज
स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों का शत-प्रतिशत जारी करें जाति प्रमाण पत्र,कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने बैठक लेकर राजस्व विभाग की कामकाज की समीक्षा

OWNER/PUBLISHER-NAVIN SHARMA

OFFICE ADDRESS
Navin Kadam Office Mini Stadium Complex Shop No.42 Chakradhar Nagar Raigarh Chhattisgarh
CALL INFORMATION
+91 8770613603
+919399276827
Navin_kadam@yahoo.com
©NavinKadam@2022 All Rights Reserved. WEBSITE DESIGN BY ASHWANI SAHU 9770597735
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?