बिलासपुर। आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत ‘मां सारदा चैरिटेबल डिस्पेंसरी’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एसईसीएल की सीएसआर पहलें केवल विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता क्षेत्र बताते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ समुदाय के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाती हैं। एसईसीएल द्वारा रू. 61.96 लाख की लागत से, रामकृष्ण मिशन, बिलासपुर के द्वारा स्थापित यह डिस्पेंसरी विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई है। उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों, मिशन के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह आधुनिक डिस्पेंसरी दंत चिकित्सा, सामान्य स्वास्थ्य परामर्श एवं मेडिसिन, बाल रोग, अस्थि रोग, नेत्र रोग और फिजियोथेरेपी जैसी विशेषज्ञ सेवाओं से सुसज्जित है। साथ ही यहां बुनियादी जांच एवं उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। निर्धारित ओपीडी के माध्यम से योग्य चिकित्सकों द्वारा नियमित सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को विश्वसनीय और निरंतर स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा। यह पहल बिलासपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। स्श्वष्टरु की यह पहल न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सराहनीय योगदान है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति कंपनी की दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।



