रायगढ़। राज्य शासन के सुशासन नीति के तहत पारदर्शिता के साथ नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला कलेक्टोरेट परिसर में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का लोकार्पण आज प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने विधिवत लोकार्पण किया और जिले के नागरिकों को बधाई दी। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष श्री कमल गर्ग, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विजय अग्रवाल, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री रत्थू गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने स्मार्ट पंजीयन कार्यालय में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं एवं तकनीक आधारित कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने पंजीयन की संपूर्ण प्रक्रिया को देखा, जिसमें ई-केवाईसी, आधार अपडेटेशन तथा ऑटो म्यूटेशन के बाद बी-1 एवं पी-2 की प्रति वितरण की प्रक्रिया शामिल रही। उन्होंने इस पहल को नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं समयबद्ध सेवा प्रदान करने वाला बताया। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शासन की तकनीक-सक्षम एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे न केवल पंजीयन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों का विश्वास एवं संतुष्टि भी बढ़ेगी। रायगढ़ जिले के नागरिकों को अब पंजीयन कार्यों के लिए अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।
जिला पंजीयक श्री दीपक मंडावी ने बताया कि नवीन स्मार्ट पंजीयन कार्यालय वाई-फाई, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, पारदर्शी अपॉइंटमेंट व्यवस्था, क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम तथा डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां नागरिकों के लिए आरामदायक प्रतीक्षा कक्ष, सुव्यवस्थित काउंटर, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन तथा तकनीकी सहायता युक्त कार्यप्रणाली विकसित की गई है। कार्यालय परिसर में रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े जनहितैषी सुधारों का भी विस्तृत प्रदर्शन किया गया है। इनमें घर बैठे रजिस्ट्री एवं आधार सत्यापन सुविधा, भारमुक्त प्रमाण-पत्र ऑनलाईन, एकीकृत कैशलेस भुगतान, बायोमेट्रिक प्रणाली, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण तथा समयबद्ध सेवा वितरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इससे नागरिकों को पंजीयन सेवाओं की पारदर्शी एवं डिजिटल प्रणाली की स्पष्ट जानकारी मिल रही है। इस कार्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को सरल, तेज, पारदर्शी एवं नागरिक-अनुकूल बनाना है, जिससे आमजनों को एक ही स्थान पर बेहतर एवं सम्मानजनक सेवा अनुभव प्राप्त हो सके।
मंत्री चौधरी ने नवीन थाना जूटमिल भवन का किया उद्घाटन

आज शाम को वित्त मंत्री ओपी चौधरी नवीन थाना भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने रिबन काटकर भवन का शुभारंभ किया। इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना एवं मंत्रोच्चार के साथ नवीन थाना भवन का लोकार्पण संपन्न हुआ। सभी अतिथियों ने भवन के विभिन्न कक्षों का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए पूर्व में जूटमिल क्षेत्र पुलिस सहायता केंद्र के रूप में संचालित होता था। वर्ष 2005 में इसे पुलिस चौकी बनाया गया और वर्ष 2023 में चौकी से थाना में उन्नयन किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में 20 नए थाना भवनों की स्वीकृति दी गई थी, जिसमें थाना जूटमिल भी शामिल था। पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा थाने का निर्माण कार्य किया गया है।
एसएसपी ने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की विशेष पहल से बेहद कम समय में उच्च गुणवत्ता वाला थाना भवन तैयार हुआ है। इससे पुलिसिंग में तेजी आएगी और अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। लैलूंगा विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार ने जिला पुलिस प्रशासन को नए थाना भवन के लिए शुभकामनाएं दीं और विकास कार्यों में सहयोग का भरोसा दिलाया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि पुलिसिंग का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और नए थाना भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि कलेक्टोरेट के समीप निर्माणाधीन नया एसपी कार्यालय भी जल्द पूरा होगा। साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए नये स्टाफ क्वार्टर्स स्वीकृति होकर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने पुलिस कॉलोनी में आवश्यक कार्यों के लिए विधायक निधि से राशि देने की घोषणा भी की। अतिथियों ने नवीन थाना भवन के लिए थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह और उनके स्टाफ को बधाई दी गई। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी ने सभी अतिथियों, नागरिकों, मीडिया कर्मियों गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
थाना जूटमिल के लोकार्पण अवसर पर लैलूंगा विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार,नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष श्री उमेश अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री गुरूपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावार, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सीएसपी श्री मयंक मिश्रा, एसडीएम श्री महेश शर्मा, डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी, श्री उत्तम प्रताप सिंह सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक पुलिस अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जिले में 6 नए उप-पंजीयक कार्यालय भवनों का शीघ्र शुरू होगा निर्माण
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल से 3.42 करोड़ की परियोजना धरातल पर
जिले के विकास को नई गति देते हुए खरसिया, पुसौर, सरिया, सारंगढ़, धरमजयगढ़ एवं घरघोड़ा में 6 नवीन उप-पंजीयक कार्यालय भवनों का निर्माण शीघ्र शुरू होगा। प्रत्येक भवन की लागत 57 लाख रुपए निर्धारित की गई है, जिससे कुल परियोजना लागत 3.42 करोड़ रुपए है। यह पहल नागरिकों को उनके नजदीक ही सुलभ, पारदर्शी एवं आधुनिक पंजीयन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस जनहितकारी परियोजना के पीछे प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी का विशेष योगदान रहा है। उनके सतत प्रयास, दूरदर्शी नेतृत्व एवं विकास के प्रति समर्पण के कारण ही यह बहुप्रतीक्षित योजना अब शीघ्र धरातल पर उतरने जा रही है। निर्मित होने वाले सभी उप-पंजीयक कार्यालय आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे। इनमें डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रणाली, सुव्यवस्थित प्रतीक्षा कक्ष, अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था, ऑनलाइन सेवाएं तथा दिव्यांगजन के लिए रैम्प जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
निर्माण एजेंसी के कार्यपालन अभियंता के अनुसार सारंगढ़, खरसिया, धरमजयगढ़ एवं घरघोड़ा में निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यादेश जारी कर दिया गया है। वहीं सरिया एवं पुसौर में निविदा खुलने के बाद दर स्वीकृति हेतु प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजा गया है। सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। नए कार्यालयों के शुरू होने से आम नागरिकों को पंजीयन कार्यों के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही सुविधाएं उपलब्ध होने से समय और यात्रा व्यय में कमी आएगी, वहीं डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा। इन भवनों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही आधुनिक प्रशासनिक ढांचे के विस्तार से क्षेत्रीय विकास को भी नया आयाम मिलेगा।



