बरमकेला। जंगल से भटका एक पैंगोलिन सिंधु साहू पिता टंकधर साहू गांव भूलूंमुड़ा सरिया के मूंगफली बाड़ी में जाली में फंस गया था पैंगोलिन अजीब-सा दिखने वाले वन्य प्राणी को देख ग्रामीणों के सहयोग से हीरालाल नायक डिप्टी रेंजर चांटीपाली गोमडा अभ्यारण बरमकेला को सूचना दी।
इसके बाद मौके पर वन विभाग की टीम ने पाया कि सरिया तहसील अन्तर्गत ग्राम भूलूमुडा किसान के मूंगफली खेत वन्य प्राणी विलुप्त प्रजाति का पैंगोलिन है। तत्काल ही टीम ने पैंगोलिन का रेस्क्यू किया गया और इसके बाद इसे वापस बरमकेला जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
हीरालाल सरजाल रेंजर ने बताया कि पैंगोलिन दुर्लभ होने के साथ बहुत ही फुर्तीला जीव है। खतरे की आहट पाकर स्वयं को गोलाई में मोड़ लेता है। इसके शरीर में शल्क पाए जाते हैं जो इस इतना कठोर होता है कि लोहा या लकड़ी से वार करने पर उस पर अस नहीं होता है। पैंगोलिन की जिव्हा खुर्दरा होती है। वह चींटी व दीमक खाने में सक्षम होता है, और यही उसका मुख्य आहार है। हीरालाल सरजाल रेंजर, हीरालाल नायक डिप्टी रेंजर, हीरालाल चौधरी वनरक्षक, बलभद्र मैत्री वनपाल, देवनाथ ध्रुव गिरधारी सिदार पुरा वन विभाग के टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मूंगफली के बाड़ी मिला विलुप्त प्रजाति का पैंगोलिन
वन विभाग की टीम ने जंगल में छोड़ा



