खरसिया। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें अपनी गौरवशाली संस्कृति से प्रसिद्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार व छत्तीसगढ़ सरकार की संयुक्त योजना एक्सपोजर विजित (शैक्षिक भ्रमण) करके, पी एम श्री आत्मानंद इंग्लिश माध्यम स्कूल खरसिया के 250 छात्र छात्राएं विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर बेहद रोमांचित, आनंदित हुए। ज्ञात हो कि भारत सरकार, व छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा निरंतर शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बच्चों को विभिन्न वातावरण जैसे भौगोलिक दृश्य, कंपनी, विभिन्न धार्मिक स्थल, वा पुरातात्विक स्थलों को दिखाना होता है इससे जुड़े इतिहास को बच्चे को जानने का अवसर प्राप्त हुआ ताकि आने वाले भविष्य में बच्चे जिस क्षेत्र में घूमे है देखे है इससे जुड़ सके उनके भविष्य में कोई काम आ सके।
भ्रमण के प्रमुख पड़ाव
?गिरोधपुरी धाम: यात्रा की शुरुआत बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरोधपुरी से हुई। यहाँ विद्यार्थियों ने विशाल जैतखाम के दर्शन किए और सतनाम पंथ के शांति व मानवता के संदेश को समझा। बच्चों ने कुतुब मीनार से भी ऊंचे इस स्तंभ की स्थापत्य कला की सराहना की। ?सिरपुर का ऐतिहासिक वैभव: यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव सिरपुर रहा। यहाँ सातवीं शताब्दी के प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर ईंटों से निर्मित को देखकर छात्र आश्चर्यचकित रह गए। खुदाई में निकले बौद्ध विहारों और मूर्तिकला के माध्यम से उन्होंने प्राचीन भारत की उन्नत इंजीनियरिंग और कला को समझा। शिवरीनारायण: महानदी के तट पर स्थित शिवरीनारायण यहाँ के प्राचीन मंदिरों और रामायण कालीन महत्व (माता शबरी के जूठे बेर की कथा) के बारे में शिक्षकों ने विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने संगम तट की प्राकृतिक सुंदरता का भी आनंद लिया। सीखने का अनुभव ?भ्रमण के दौरान स्कूल के प्राचार्य रामनिवास नागवंशी और शिक्षकों ने प्रत्येक स्थल के ऐतिहासिक संदर्भ और भौगोलिक महत्व की जानकारी दी। छात्रों ने डायरी में मुख्य बिंदुओं को नोट किया और स्थानीय वास्तुकला की तस्वीरें भी लीं। एक्सप्लोजर विजिट में स्कूल के प्राचार्य रामनिवास नागवंशी का कुशल नेतृत्व व क्षमता बच्चो को गाइड करना देखते बन रहा था?
प्राचार्य रामनिवास नागवंशी का संदेश
पुस्तकीय ज्ञान तब तक अधूरा है जब तक छात्र उसे अपनी आंखों से न देख लें। इस भ्रमण से विद्यार्थियों में अपनी विरासत के प्रति सम्मान और जिज्ञासा बढ़ी है। शाम को सभी विद्यार्थी ज्ञान और उत्साह का नया संचार लेकर सुरक्षित वापस लौटे। प्राचार्य के निर्देशानुसार शैक्षिक भ्रमण सम्पन्न हुआ जिसमे स्टॉफ से उज्ज्वला गुसांईं व्याख्याता, पूनम दुबे एच एम,कोमल यादव, भूगेंद्र यादव शिक्षक, कल्याणी टंडन, समीर साहू सहा शिक्षक, गौतम दास महंत वोकेशनल टीचर, सदानंद कश्यप म्यूजिक टीचर,सरिता आर्मो,नूतन तिवारी, प्रकाश रजक के साथ ही डाक्टर टिकेश खरे, रामजन रात्रे दिनेश कुमार घृतलहरें का विशेष सहयोग रहा साथ ही पालको का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को मिलता है सीधा ज्ञान इससे बच्चे साधारण और सरल भाषा में सीखते हैं पुरातत्व और धार्मिक स्थलों का महत्व का ज्ञान छत्तीसगढ़ के धर्मस्थल और पुरातत्व स्थालो शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से बच्चों को जमीनी स्तर से ज्ञान मिलता है इसी तरह ही बच्चों को ज्ञान सरल सीखना चाहिए ताकि भ्रमण के माध्यम से ज्ञान भी मिले और बच्चों को आनंद भी आए।



