रायगढ़। राज्य शासन के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत बीते 72 घंटे में तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक अवैध मादक पदार्थ अफीम के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे इस कार्य में जुड़े संलिप्त लोगों में हडक़ंप मच गया है।
इस संबंध में आज प्रशासन द्वारा पुलिस कंट्रोल रुम मेें प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में जानकारी देेते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया है। इस अभियान के तहत खरसिया (14 ग्राम), घरघोड़ा (10 ग्राम), तमनार (12 ग्राम), लैलूंगा (4 ग्राम), मुकडेगा (3 ग्राम), रायगढ़ (11 ग्राम), पुसौर (13 ग्राम) एवं धरमजयगढ़ (7 ग्राम) में सफलतापूर्वक सर्वे किया गया है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

कलेक्टर ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ सप्ताह से जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन विश्लेषण और सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान अफीम की खेती के दो मामले सामने आए थे। वहीं, आज दोपहर तीसरा मामला भी प्रकाश में आया है। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती कानूनन गंभीर अपराध है। इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी ड्रोन सर्वे, सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई इसी तरह लगातार जारी रहेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने बताया कि बीते 19 मार्च को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तमनार क्षेत्र के आमाघाट में छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि यहां सब्जी की खेती की आड़ में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान लगभग 60,326 पौधे बरामद किए गए, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये आंका गया है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लेकर विवेचना की जा रही है। मौके पर पूरी फसल को उखाडक़र जब्त किया गया तथा रोटावेटर और जेसीबी मशीन की सहायता से खेत को पूरी तरह नष्ट कर समतल किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस, प्रशासन, कृषि, आबकारी एवं एफएसएल की टीम संयुक्त रूप से उपस्थित रही।
इसी क्रम में 23 मार्च को फिजिकल एवं ड्रोन सर्वे के दौरान लैलूंगा तहसील के ग्राम नवीन घटगांव में भी अवैध खेती का मामला सामने आया। यहां भूमिस्वामी सादराम नाग द्वारा अपने खेत में साग-भाजी के बीच छोटे क्षेत्र में अफीम की खेती की जा रही थी। पौधों में सफेद फूल आना प्रारंभ हो गया था तथा कुछ डंठल सूख चुके थे। पुलिस ने तत्काल फसल को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल बरामद की गई। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते विफल करते हुए सामग्री जब्त की गई।
लैलूंगा क्षेत्र के मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में लगभग 5 डिसमिल क्षेत्र में संदिग्ध फसल की खेती किए जाने की बात सामने आई है। उसके घर से पेड़, पत्तियां एवं तने के सूखे अवशेष प्रशासनिक टीम द्वारा बरामद कर जांच के लिए भेजा गया हैं। पुलिस टीम नारकोटिक्स के अधिकारियों के संपर्क में है, रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है, पूछताछ करने के बाद उनकी भूमिका पूरी तरीके से स्पष्ट हो जाएगी। जिसके बाद नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आमाघाट अफीम मामले में फरार आरोपी झारखंड से गिरफ्तार

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तमनार और साइबर थाना की संयुक्त टीमों को ओडिशा और झारखंड रवाना किया गया था। पुलिस टीम लगातार पीछा करते हुए आरोपियों के गृहग्राम तक पहुंची, जहां आरोपियों को पुलिस की भनक लग गई और वे पहाड़ी क्षेत्र में छिप गए।
इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से रायगढ़ पुलिस ने सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें काफी मशक्कत के बाद जंगल में भाग रहे आरोपी एमानुएल भेंगरा को पकड़ लिया गया। आरोपी को रायगढ़ लाकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपी के पास से उसका मोबाइल फोन भी जप्त किया गया है। वहीं उसका साथी सीप्रियन भेंगरा फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जहाँ कांग्रेस ने आंखें मूंदी वहाँ भाजपा ने की कार्रवाई-आकाश शर्मा

रायगढ़। भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और समाज को नशे के जाल से मुक्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है हाल ही में रायगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अफीम और अन्य नशीले पदार्थों की लगातार हो रही जब्ती यह स्पष्ट दर्शाती है कि भाजपा सरकार नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है जिला प्रवक्ता आकाश शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के आते ही नशे के खिलाफ निर्णायक और व्यापक अभियान चलाया गया है आज हजारों की संख्या में संदिग्ध और अवैध गतिविधियों में शामिल गाडिय़ों को जब्त किया गया है वहीं नशे के कारोबार से जुड़े कई लोगों के अवैध निर्माणों और ठिकानों को ध्वस्त किया गया है यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार किसी भी प्रकार के अपराध को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें सरकार ने निष्पक्ष जांच कराते हुए तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है कानून का राज स्थापित करना ही भाजपा सरकार की प्राथमिकता है आकाश शर्मा ने कांग्रेस शासनकाल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उस समय नशे का कारोबार खुलेआम फल फूल रहा था यहां तक कि कांग्रेस के कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र तक में अफीम की खेती की जा रही थी लेकिन प्रशासन मौन था उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के गठन के बाद जहां जहां अफीम की खेती पाई गई वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए उन फसलों को नष्ट किया गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
सरकार की चुप्पी, मिलीभगत का संकेत-आशीष
जिले में अवैध अफीम खेती पर सियासी घमासान
रायगढ़। जिले में तमनार के बाद अब लैलूंगा क्षेत्र में लगातार अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आने से प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस रायगढ़ शहर जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
आशीष जायसवाल ने कहा कि रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती का बार-बार पकड़ा जाना विष्णु सरकार की नाकामी का स्पष्ट प्रमाण है। उनके अनुसार, यह स्थिति दर्शाती है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रहा है।
सीधे आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘प्रदेश में अफीम की खेती अब छुपी हुई नहीं, बल्कि खुलेआम हो रही है। यह बिना राजनीतिक संरक्षण और प्रशासन की मिलीभगत के संभव ही नहीं है। सरकार की चुप्पी ही उसकी सबसे बड़ी सच्चाई है। ’ जायसवाल ने चिंता जताते हुए कहा कि रायगढ़ सहित पूरे प्रदेश को सुनियोजित तरीके से नशे के दलदल में धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘आज गांव-गांव में नशे का जहर फैल रहा है और सरकार सिर्फ तमाशा देख रही है,’ जिससे युवाओं का भविष्य गंभीर संकट में है। युवा कांग्रेस ने कड़े शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है कि यदि बड़े अफीम माफियाओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा। साथ ही, उन्होंने प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके मिलीभगत का खुलासा करने की भी मांग की। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि युवा कांग्रेस इस मुद्दे को हर मंच पर उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। उनका कहना है कि यह केवल विरोध नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध अफीम की खेती फल-फूल रही है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो रायगढ़ में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।




