सारंगढ़। स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लगाने वाले लापरवाह अधिकारियों और इंजीनियरों पर जिला पंचायत प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। बरमकेला और बिलाईगढ़ विकासखंड में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में हुए बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। यहाँ के जिम्मेदार इंजीनियरों और तकनीकी सहायकों ने सरकारी खजाने को चूना लगाने के लिए अधूरे शौचालयों को कागजों पर पूरादिखाकर उनका मूल्यांकन तक कर दिया।
ग्राउंड जीरो पर मिले आधे- अधूरे ढांचे जिपं सीईओ के निर्देश पर जब जिला समन्वयक निमिष कुमार साव ने गांवों का दौरा किया, तो सच्चाई देख अधिकारी भी दंग रह गए। जिन शौचालयों की पूर्णता रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी, वे धरातल पर अधूरे और अनुपयोगी पाए गए। यह सीधे तौर पर सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने और जनता के पैसे का बंदरबांट करने का मामला है।
भ्रष्टाचार के इस खेल में शामिल सहा. अभियंताओं और तकनीकी सहायकों की लंबी सूची सामने आयी हैयल ?बरमकेला ब्लॉक से सहा. अभियंता लक्ष्मी जांगड़े सहित तकनीकी सहायक योगेश देवांगन, कोमल सिंह, मिथिलेश बंजारे, नवल किशोर सिदार आशा जांगड़े, बिलाईगढ़ ब्लॉक से सहायक अभियंता आकाश देवांगन, लकेश्वर महिलाने, छन्नू लाल टण्डन, ओम साहू, रामसिंह आजाद और शिवरंजन नवरंगे। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि – आखिर किसके शह पर उन्होंने फर्जी रिपोर्ट तैयार की?
बर्दाश्त नहीं होगी कर्तव्य में गद्दारी
जिला पंचायत ष्टश्वह्र ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि इस प्रकार की घोर लापरवाही और पारदर्शिता के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, इन सभी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही और विभागीय जांच बिठाई जाएगी। अधूरे निर्माण को पूर्ण बताकर मूल्यांकन करना सरकारी नियमों का गंभीर उल्लंघन है। गुणवत्ता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जनता को बेहतर सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता है, भ्रष्टाचार करना नहीं।
शौचालय निर्माण में ‘स्वच्छता’ गायब
कागजों पर पूर्ण, जमीन पर अपूर्ण, आधा दर्जन इंजीनियर नपे



