रायगढ़। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ में व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटैरिया के मार्गदर्शन एवं कुलसचिव डॉ. तरुण धर दीवान के निर्देशानुसार संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका, उनके अधिकारों, सशक्तिकरण तथा समग्र विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर वक्ताओं ने महिलाओं के योगदान, शिक्षा के महत्व और समाज में उनकी भागीदारी पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. तरूण धर दीवान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाएं समाज का मुख्य आधार है, परिवार की देखभाल के साथ-साथ वे कभी मॉं बनकर कभी बेटी, बहन या पत्नी के रूप में पुरूष के जीवन को पूर्णत प्रदान करती है। इतिहास गवाह है कि महिलाओं को जो भी दायित्व सौपे गये उन्होंने निष्ठा एवं ईमानदारी से उन दायित्वों का निर्वहन किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें सम्मान के साथ-साथ पर्याप्त अवसर दिये जाये। समाज और राष्ट्र के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है।
माननीय कुलपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं का सम्मानजनक स्थान है। जहां नारी का सम्मान होता है वही देवताओं का वास होता है। हमारे शास्त्रों एवं पराम्पराओं में शक्ति, ममता, त्याग, क्षमा, त्याग का प्रतीक माना गया है। जिस समाज में महिलाओं को सम्मान और समान अवसर मिलते है वही समाज प्रगतिशील एवं समृद्ध बनता है। आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। विज्ञान, कला, खेल, चिकित्सा, सेना आदि सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं के सम्मान, समान अवसर और सुरक्षा को सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में कुलपति महोदय द्वारा महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें। अंत में उपस्थित सभी लोगों ने महिलाओं के सम्मान, समानता, सशक्तिकरण और अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
शहीद नंदकुमार पटेल विवि. में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर व्याख्यान माला का आयोजन
समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अधिकार व सशक्तिकरण पर केन्द्रित रहा कार्यक्रम



