रायपुर। प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार कर्मचारी चयन मंडल बनाने की तैयारी कर रही है, जो केंद्र के कर्मचारी चयन आयोग की तर्ज पर काम करेगा। इसके लिए प्रस्ताव सरकार के पास भेज दिया गया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो भविष्य में समान योग्यता वाले पदों के लिए अलग-अलग विभागों की परीक्षाएं आयोजित नहीं करनी पड़ेंगी। बताया जा रहा है कि राज्य में बनने वाला यह मंडल अलग-अलग विभागों की भर्ती प्रक्रिया को एक मंच पर लाने का काम करेगा। अभी अलग-अलग विभाग अपने स्तर पर भर्ती परीक्षाएं आयोजित करते हैं, जिससे अभ्यर्थियों को कई परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। सरकार को भी बार-बार परीक्षा आयोजित करनी पड़ती है। नई व्यवस्था लागू होने पर संयुक्त परीक्षा प्रणाली लागू करने की योजना है। जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल गठन का प्रस्ताव जल्द विधानसभा में रखा जा सकता है। प्रस्ताव पारित होने पर राज्य की भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बन सकती है। फिलहाल, प्रदेश में सरकारी भर्तियों के लिए मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और व्यापमं के माध्यम से करीब 30 तरह की परीक्षाएं आयोजित होती हैं। नए प्रस्ताव में इन परीक्षाओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर समान योग्यता वाले पदों के लिए एक संयुक्त परीक्षा कराने की योजना है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने पर भर्ती प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी। साथ ही अभ्यर्थियों को भी अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी और आवेदन की परेशानी से राहत मिलेगी। इससे समय और खर्च दोनों कम होंगे।
बताया जा रहा है कि हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय में भर्ती परीक्षाओं की समीक्षा की थी। जिसमें सामने आया कि समान योग्यता वाले पदों के लिए कई विभाग अलग-अलग परीक्षाएं कराते हैं। जिससे उम्मीदवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसी वजह से भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाने के लिए कर्मचारी चयन मंडल गठन की पहल शुरू हुई है।
छत्तीसगढ़ में बनेगा कर्मचारी चयन मंडल, एक ही परीक्षा से भरे जाएंगे कई विभागों के पद



