जांजगीर-चाम्पा। जिला मुख्यालय स्थित पुराना बस स्टैंड के पास रविवार की तडक़े सुबह अग्निदेव ने ऐसा विकराल रूप धारण किया कि चार छोटे व्यापारियों के अरमान पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो गए। पशु चिकित्सालय के ठीक सामने स्थित इन दुकानों में लगी भीषण आग ने न केवल लाखों की संपत्ति को स्वाहा किया। बल्कि चार परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट भी खड़ा कर दिया है। प्राथमिक तौर पर इस तबाही की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
पीडि़त दिगंबर राठौर 44 वर्ष ने आँखों से बताया कि शनिवार रात करीब 10.30 बजे वे अपनी गन्ने के रस और कोल्ड ड्रिंक की दुकान बंद कर घर लौटे थे। उन्हें क्या पता था कि सुबह का सूरज उनके लिए बर्बादी की खबर लेकर आएगा। रविवार तडक़े करीब 3 बजे जब शहर निद्रा में लीन था, तभी आग ने दुकानों को अपनी आगोश में ले लिया। सूचना मिलते ही जब तक दिगंबर मौके पर पहुंचे, आग विकराल रूप ले चुकी थी। स्थानीय नागरिकों की सजगता और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पाया गया, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर कोयला हो चुका था। ?चार परिवारों की पूंजी स्वाहा, लाखों का नुकसान आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दिगंबर राठौर की दुकान के साथ-साथ सुंदर राठौर का साइकिल ठेला, मुन्ना यादव की फल दुकान और विक्टर सिंह का मुर्रा -चना ठेला भी इसकी चपेट में आ गया। दिगंबर राठौर की दुकान में रखा कीमती फ्रिज, पंखा, कूलर और लगभग 15 क्विंटल गन्ना जलने से उन्हें अकेले करीब 2 लाख रुपये की आर्थिक चपत लगी है। कुल मिलाकर चारों दुकानों में करीब 4 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया है।
घटना स्थल के कुछ दूरी पर थाना
विडंबना यह है कि यह भीषण अग्निकांड सीटी कोतवाली से महज 50 मीटर की दूरी पर घटित हुआ। घटना के बाद से ही पीडि़त दुकानदारों का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि इन छोटी दुकानों से ही उनके घर का चूल्हा जलता था। पीडि़तों ने सिटी कोतवाली में मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज करा दी है। अब क्षेत्र की जनता की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि इन बेसहारा हुए छोटे व्यापारियों के घावों पर आर्थिक सहायता का मरहम कब तक लगाया जाता है।
शहर के पुराने बस स्टैंड के पास 4 दुकानों में लगी भीषण आग
आगजनी से फ्रिज, ठेला सहित लाखों रुपए के सामान जलकर खाक, 4 छोटे व्यापारियों के सामने छाया रोजी-रोटी की संकट



