रायगढ़। रायगढ़ जिला मुख्यालय में बेटे के शौक पूरा करने के लिये एक पिता ने कबाड़ के जुगाड और महज 9 सौ 11 सौ रूपये खर्च कर इनक्यूबेटर चिकन हैचरी हैचिंग मशीन का निर्माण किया है। यह मशीन मुर्गियों के अंडे से चूजे निकालने का काम करती है। इस नये मशीन को देखने आसपास के लोगों के अलावा अब दूर से भी लोग भारी संख्या में देखने पहुंच रहे हैं।
शहर के पंजरी प्लांट में रहने वाले रवीन्द्र राय 66 साल, जो कि तत्कालीन दौर में आईटीआई मैरिट छात्र है, उन्होंने देशी कबाड़ के जुगाड से 24 अंडा वाला इनक्यूबेटर चिकन हैचरी हैचिंग मशीन बनाया है। इससे पहले भी उन्होंने देशी जुगाड की मदद की कई उपकरण बना चुके हैं। रवीन्द्र राय ने बताया कि इस मशीन को बनाने के लिये एक थर्माकोल वाले मछली का कंटेनर, एक बल्ब, अंडे के प्लेट को घुमाने के लिए मोटर, उसमें कैरम के स्टाइगर से पहिये का निर्माण किया गया हैं।हैचरी को ऊर्जाध्ताप देने के लिए आटोमेटिक टाईमर मशीन लगाया गया हैं,यह अंडा को ताप देने और उसे नियंत्रण करता है। यह भी पूरी तरह आटोमेटिक प्रणाली में कार्य करता है। अंडे के प्लेट को रोटेट घुमाने के लिए हर 4 घंटे का समय इसी टाइमर से तय किया गया है, इस तरह यह एक दिन में 4 बार घूमता है और अंडे को चारों ओर से ऊर्जा सामान्य तौर पर प्रदान किया जाता है। मशीन में ऊर्जा का बड़ी ही महत्वपूर्ण रहता है, अंडे से चूजे निकलने के प्रक्रिया में सामान्यत: 37.7 डिग्री तापमान रखना आवश्यक है। इस उर्जाध् तापमान मापने के लिए एक थर्मामीटर लगाया गया है। जब अंदर का बल्ब जलेगा और इससे अंदर का तापमान बढ़ेगा उसके पश्चात आटोमेटिक 37.7 में यह बन्द हो जाएगा। पुन: यह प्रक्रिया आगे बढक़र बल्ब आटोमेटिक बंद होने के बाद तापमान जैसे 33.3 डिग्री में आएगा, पश्चात तत्काल मशीन कार्य प्रणाली संपादित करते हुए ब्लब को चालू करेगा ताकि ऊष्मा ऊर्जा दिया जा सके।
9 सौ से 11 सौ में बना मशीन
रवीन्द्र राय ने यह भी बताया कि बाक्स के अंदर एक घड़ी वाली मशीन भी लगाया गया है। इसमे आद्रता यानी नमी को दर्शाता है। यह अंडे से चूजे निकालने में सहायक होता है। इस मशीन को बनाने में तकरीबन 9 से 11 सौ रूपये तक का खर्च आया है।
बेटे के शौक में बनाया मशीन
रवीन्द्र राय ने बताया कि इस मशीन को बनाने का उद्देश्य मेरे बेटे का शौक है, वह अलग-अलग गांव जाकर मुर्गा-मुर्गी पालने के लिये खरीद कर आया था। कुछ मुर्गियां लगातार अंडा दे रही थी, लेकिन अंडे से चूजा निकालने के लिए सेकाई यानी हैचिंग नही कर रही थी। बस उस अंडे से चूजा निकालने के लिए ही यह मशीन बनाया गया है।
वाटर फिल्टर मशीन बनाने की तैयारी
रवीन्द्र राय ने यह भी बताया कि आगामी दिनों में वह वाटर फिल्टर मशीन बनाने की तैयारी कर रहे हैं। ताकि बरसात के दिनों में साफ पानी मिल सके। बरसात के दिनों में अक्सर ऐसा होता है कि नलों में गंदा पानी आता है। इस मशीन के निर्माण के बाद यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। कुछ दिन बाद इस मशीन को बनाने का काम शुरू किया जाएगा।



