सारंगढ़। राजनीति शतरंज में शह-मात का खेल खेल रहे विरोधियों को माननीय उच्च न्यायालय से करारा झटका लगा है सारंगढ़ नपा की निर्वाचित अध्यक्ष सोनी अजय बंजारे की बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने स्थगन आदेश स्ह्लड्ड4 ह्रह्म्स्रद्गह्म् जारी कर दिया है। इस फैसले के साथ ही उनकी अध्यक्ष पद पर वापसी का मार्ग प्रशस्त हो गया है जिसे उनके समर्थकों ने सत्य की जीत और राजनैतिक द्वेष की हार करार दिया है। कुछ समय से नपा की राजनीति में जिस तरह के घटनाक्रम देखने को मिल रहे थे, उससे शहर का माहौल गर्माया हुआ था। श्रीमती सोनी बंजारे को पद से हटाए जाने की कार्यवाही को उनके समर्थकों ने हमेशा से एक राजनैतिक षड्यंत्र बताया था। अब उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले ने उन दावों पर मुहर लगा दी है। सारंगढ़ के जागरूक नागरिकों ने न्यायपालिका के प्रति अटूट विश्वास व्यक्त करते हुए इस फैसले का हृदय से स्वागत किया है।
श्रीमती सोनी अजय बंजारे के पक्ष में आए इस आदेश के बाद पूरे नगर में उत्साह की लहर है अरुण मालाकार का कहना है कि – लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को राजनैतिक द्वेष के चलते प्रताडि़त करना संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। आज माननीय न्यायालय ने यह सिद्ध कर दिया कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं। ?इस स्थगन आदेश के बाद अब श्रीमती सोनी अजय बंजारे पुन: अध्यक्ष की कमान संभालेंगी। नागरिकों को उम्मीद है कि – इस कानूनी जीत के बाद नगर के रुके हुए विकास कार्य एक बार फिर गति पकड़ेंगे। शहर वासियों ने एकजुट होकर न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया है और इसे जन मत की जीत बताया है। श्रीमती सोनी अजय बंजारे जी को अध्यक्ष पद पर पुन: वापसी की समस्त कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं नागरिकों ने हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं प्रेषित की है।
उच्च न्यायालय से सोनी अजय बंजारे को मिली राहत
सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं - श्रीमती बंजारे



