रायगढ़। भूपदेवपुर से कोतरलिया तक चौथी रेल लाइन का काम पूरा होने के बाद इसके निरीक्षण में पहुंचे रेलवे सेफ्टी आयुक्त ने जांच के बाद इस पर ट्रेनों के परिचालन की अनुमति दे दी है। ऐसे में अब इस लाइन से यात्री गाड़ी व मालगाडियों का सुरक्षित परिचालन शुरू किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रेल परियोजना के अंतर्गत कोतरलिया- रायगढ़, किरोड़ीमलनगर व भूपदेवपुर स्टेशन के बीच 26.1 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इससे 29 व 30 जनवरी को इसके निरीक्षण के लिए दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त, रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) बी.के. मिश्रा पहुंचे थे, जो इंटरलॉकिंग सहित सभी आवश्यक तकनीकी कार्यों की गहनता से निरीक्षण किया। साथ ही सेफ्टी आयुक्त ने स्टेशन के केबिन, पैनल रूम एवं यार्ड की जांच कर संबंधित अधिकारियों से तकनीकी एवं परिचालन के संबंध में चर्चा कर रिपोर्ट तैयार किया था। साथ ही उन्होंने इंटरलॉकिंग प्रणाली, प्वाइंट एवं क्रॉसिंग, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई), पुल, समपार फाटक, सिग्नलिंग सिस्टम सहित परिचालन एवं संरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तारपूर्वक जांच के बाद ओएमएस कोच के साथ हाई-स्पीड स्पीड ट्रायल भी किया। इससे संतोषजनक कार्य पाए जाने पर रेलवे सेफ्टी द्वारा इस नई चौथी रेल लाइन पर रेल परिचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इस अनुमति के साथ ही उक्त रेलखंड पर सवारी एवं मालगाडिय़ों का निर्बाध, सुरक्षित एवं नियमित परिचालन प्रारंभ किया जाएगा।
ट्रेनों की चाल में होगी वृद्धि
इस संबंध में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चौथी रेल लाइन के चालू होने से इस व्यस्त रेलखंड की लाइन क्षमता में वृद्धि, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार, तथा माल एवं यात्री यातायात को सुगमता प्राप्त होगी। साथ ही, यह परियोजना क्षेत्रीय औद्योगिक विकास एवं लॉजिस्टिक्स को भी नई गति प्रदान करेगी।
बिलासपुर से झारसुगुड़ा तक चल रहा कार्य
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन (206 कि.मी.) बनना है, इस परियोजना की कुल लागत लगभग रु2135.34 करोड़ है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। ऐसे में कार्य पूर्ण होने के बाद बिलासपुर से झारसुगुड़ा तक चार लाइनों से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा, इससे रेल यातायात में काफी सुधार होगा।
अब भूपदेवपुर से कोतरलिया तक चौथी लाइन में सरपट दौड़ेगी ट्रेने
सेफ्टी आयुक्त चौथी लाइन पर रेल परिचालन की दी अनुमति



