NavinKadamNavinKadamNavinKadam
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
      • खरसिया
      • पुसौर
      • धरमजयगढ़
    • सारंगढ़
      • बरमकेला
      • बिलाईगढ़
      • भटगांव
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Reading: प्रदेश में 60 प्रतिशत लोग बवासीर से पीडि़त
Share
Font ResizerAa
NavinKadamNavinKadam
Font ResizerAa
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
    • सारंगढ़
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Follow US
  • Advertise
© 2022 Navin Kadam News Network. . All Rights Reserved.
NavinKadam > रायगढ़ > प्रदेश में 60 प्रतिशत लोग बवासीर से पीडि़त
रायगढ़

प्रदेश में 60 प्रतिशत लोग बवासीर से पीडि़त

क्षारसूत्र विधि से सफल उपचार संभव : जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय

lochan Gupta
Last updated: December 24, 2025 11:25 pm
By lochan Gupta December 24, 2025
Share
5 Min Read

रायगढ़। वर्तमान समय में दूषित खानपान एवं बदलती जीवनशैली के कारण पेट की समस्याएँ जैसे अपच, गैस एवं बदहजमी आम होती जा रही हैं। लगातार कब्ज की समस्या आगे चलकर महाव्याधि बवासीर एवं भगंदर में परिवर्तित हो जाती है, जिसका प्रतिशत दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। यह एक ऐसी समस्या है, जिसका लोग बहुत कम जिक़्र करते हैं। जब पीड़ा अधिक हो जाती है, तब इलाज के लिए भागदौड़ करते हैं। लोगों में जानकारी के अभाव में हजारों–लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी इस बीमारी से मुक्ति नहीं मिल पाती। वर्तमान समय में इसका सर्वाधिक सफल उपचार आयुर्वेद की क्षारसूत्र विधि से संभव है। आपके शहर रायगढ़ के शासकीय जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय में यह उपचार उपलब्ध है। चिकित्सालय में डॉ. विजय लक्ष्मी चंद्रा (एम.एस. शल्यतंत्र), क्षारसूत्र एवं गुदा रोग विशेषज्ञ द्वारा विगत 3 वर्षों में लगभग 25 बवासीर एवं 20 भगंदर के रोगियों का क्षारसूत्र पद्धति से सफल उपचार किया गया है, जिसके संदर्भ में मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा किए हैं।
क्या है क्षारसूत्र विधि
क्षारसूत्र एक विशेष रूप से उपचारित धागा होता है। इसे 21 दिनों तक औषधियों जैसे अपामार्ग क्षार, हल्दी एवं स्नुही क्षीर (दूध) से संस्कारित किया जाता है। इस विधि से उपचार करने पर पाइल्स दोबारा नहीं होता तथा भगंदर जड़ से समाप्त हो जाता है। उपचार के बाद रोगी सामान्य जीवन आसानी से जी सकता है।
डॉ. विजय लक्ष्मी चंद्रा
(एम.एस.- शल्यतंत्र), क्षारसूत्र विधि विशेषज्ञ

एम्स के विशेषज्ञों ने भी क्षारसूत्र विधि को माना सर्वश्रेष्ठ भारत के एम्स संस्थानों में भी पाइल्स एवं फिस्टुला के इलाज के लिए क्षारसूत्र विधि को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार अन्य विधियों की सफलता दर लगभग 50 प्रतिशत तक ही रहती है, जबकि क्षारसूत्र विधि अधिक प्रभावी है। दिनचर्या व खानपान में बदलाव से बवासीर एवं भगंदर से बचाव संभव बवासीर एवं भगंदर अचानक नहीं होते। अधिक मिर्च-मसाले, तैलीय भोजन, पानी की कमी, मोटापा एवं अत्यधिक शराब सेवन इसके मुख्य कारण हैं। भोजन में रेशेदार पदार्थों का सेवन बढ़ाएँ, सुबह छाछ पिएँ, भोजन के साथ गाय के घी का प्रयोग करें और संतुलित आहार लें। समस्या होने पर तुरंत इलाज कराएँ। मलद्वार में मस्सों का बनना, जिनमें सूजन, दर्द, रक्तस्राव एवं जलन होती है। भगंदर मलद्वार एवं उसके आसपास होने वाला संक्रमण है, जिसमें मवाद निकलता है और लगातार दर्द बना रहता है। फिस्टुला (भगंदर) के लिए क्षारसूत्र चिकित्सा क्यों श्रेष्ठ है? पारंपरिक सर्जरी में फिस्टुला ट्रैक को काट दिया जाता है, लेकिन संक्रमण पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाता। क्षारसूत्र विधि में ट्रैक को रासायनिक क्रिया द्वारा धीरे-धीरे साफ किया जाता है, जिससे संक्रमण पूरी तरह समाप्त हो जाता है। इस विधि में फिस्टुला दोबारा होने की संभावना नगण्य होती है और मल नियंत्रण शक्ति प्रभावित नहीं होती।

बवासीर में क्षारसूत्र से उपचार

बवासीर में गुदा के मस्सों की जड़ को क्षारसूत्र से कसकर बाँध दिया जाता है, जिससे वे सूखकर अपने आप गिर जाते हैं। इस अवसर पर मै शासकीय जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय, रायगढ़ के समस्त चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक स्टाफ का हार्दिक आभार व्यक्त करती हु, विशेष रूप से डॉ. चन्द्र शेखर गौरहा जिला अयुर्वेद अधिकारी का, जिन्होंने रोगियों के निदान एवं उपचार हेतु आवश्यक संसाधन, आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) एवं चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध कराईं। उनके सहयोग से ही रोगियों का सटीक निदान एवं सफल उपचार संभव हो पाया।
मरीजों के अनुभव
15 वर्षों तक बार-बार ऑपरेशन का दर्द सहा, आयुर्वेदिक इलाज से अब पूरी तरह ठीक ज्योति, जो 3 वर्ष की उम्र से भगंदर की समस्या से पीडि़त थीं, पिछले 15 वर्षों में कई बार ऑपरेशन करवा चुकी थीं। लेकिन कुछ समय बाद समस्या दोबारा शुरू हो जाती थी। बाद में रिश्तेदारों की सलाह पर उन्होंने शासकीय जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय, रायगढ़ में डॉ. विजय लक्ष्मी चंद्रा से संपर्क किया। क्षारसूत्र उपचार के बाद अब एक वर्ष हो चुका है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
ज्योति आदित्य (मरीज, सारगढ़)

साल में लाखों रुपये खर्च किए, क्षारसूत्र उपचार से मिला स्थायी आराम सुकरू यादव को वर्ष 2017 में भगंदर की समस्या हुई। उन्होंने जशपुर स्थित अस्पताल में ऑपरेशन कराया, जिसमें लाखों रुपये खर्च हुए, लेकिन मवाद आना बंद नहीं हुआ। बाद में रिश्तेदार पावती यादव, जो पहले इसी बीमारी से पीडि़त थीं, की सलाह पर वे शासकीय जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय, रायगढ़ आए और क्षारसूत्र विधि से उपचार कराया। अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
सुकरू यादव (मरीज, कुनकुरी)

You Might Also Like

साय सरकार के नए बजट की तैयारी शुरू, वित्त विभाग ने सभी विभागों से मांगी योजनाओं की क्रियान्वयन रिपोर्ट

ट्रक में लगे नये टायर व डिस्क चोरी कर फरार ड्रायवर गिरफ्तार

रायगढ़ नगर निगम को मिला राज्य स्तरीय अवॉर्ड

शिक्षा के बिना जीवन अधूरा : सीएम साय

पीएम जनमन योजना ने बदली जिंदगी की तस्वीर, सुदूर ग्राम कुर्रा के रतिराम को मिला सपनों का आशियाना

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email
Previous Article पारंपरिक खेती से उद्यानिकी की ओर बदला रुख, गेंदा फूल की खेती से किसान को मिला डेढ़ लाख का लाभ
Next Article प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री के हाथों सहायक उपकरण पाकर दिव्यांगजनों के खिले चेहरे

खबरें और भी है....

जिले में रफ्तार का कहर, 6 की मौत, तीन अलग-अलग सडक़ हादसों में गई बेकसूरों की जान
राकेश मिश्रा होंगे चक्रधरनगर के नए टीआई
सीजी में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
अपराधों से तौबा कर लें, वरना होगी कड़ी कार्रवाई
27 व 1 मार्च को बीआर पैसेंजर रहेगी रद्द

Popular Posts

डेंगू से निपटने निगम और स्वास्थ्य की टीम फील्ड पर,पिछले 5 साल के मुकाबले इस साल केसेस कम, फिर भी सतर्कता जरूरी
जहां रकबे में हुई है वृद्धि पटवारियों से करवायें सत्यापन-कलेक्टर श्रीमती रानू साहू,मांग अनुसार बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश
मेगा हेल्थ कैंप का मिला फायदा, गंभीर एनीमिया से पीड़ित निर्मला को तुरंत मिला इलाज
स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों का शत-प्रतिशत जारी करें जाति प्रमाण पत्र,कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने बैठक लेकर राजस्व विभाग की कामकाज की समीक्षा
जिले में रफ्तार का कहर, 6 की मौत, तीन अलग-अलग सडक़ हादसों में गई बेकसूरों की जान

OWNER/PUBLISHER-NAVIN SHARMA

OFFICE ADDRESS
Navin Kadam Office Mini Stadium Complex Shop No.42 Chakradhar Nagar Raigarh Chhattisgarh
CALL INFORMATION
+91 8770613603
+919399276827
Navin_kadam@yahoo.com
©NavinKadam@2022 All Rights Reserved. WEBSITE DESIGN BY ASHWANI SAHU 9770597735
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?