सारंगढ़। जिला भाजपा कार्यालय में सांसद श्रीमती रूपकुवंर चौधरी ने पत्रकार वार्ता में मोदी सरकार द्वारा रोजगार गारंटी योजना में किए गए सुधारो के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए यह बात कही कि मनरेगा मौजूदा विसंगतियों को दूर करने एवं मोदी सरकार के 2047 विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए मनरेगा में सुधारो को लागू करते हुए वी बी जी राम जी योजना लागू की जा रही है। मनरेगा में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार जिनकी शिकायतों का फेरलिस्ट 10 लाख से ऊपर है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, मोदी सरकार के द्वारा विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए जी राम जी योजना लाई है, जिसके तहत केंद्र सरकार 60त्न राशि और राज्य सरकार 40त्न राशि जारी करेगी। जिससे कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही साथ पारदर्शिता का समावेश होगा।
सांसद चौधरी ने इसका उत्तर देते हुए कहा कि रोजगार गारंटी योजना का नाम पहले से महात्मा गांधी जी के नाम पर नहीं था। 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया। जिसे राजीव गांधी ने जवाहर रोजगार योजना का नाम दे दिया। सोनिया मनमोहन की सरकार ने 2004 में इसे नरेगा कर दिया। जिसे फिर 2005 में मनरेगा किया गया। कांग्रेस की सरकार ने जब जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान नहीं था। इसी तरह आवास योजना का नाम पहले ग्रामीण आवास योजना था, राजीव गांधी ने 1985 में इसका नाम बदल कर इंदिरा आवास कर दिया था। अप्रैल 2005 में कांग्रेस सरकार ने न जाने कितनी योजनाओं का नाम नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी के नाम पर चलाएं लेकिन क्या नाम बदलने से कार्यों में कोई बदलाव आया। वी बी जी राम जी विकसित भारत की कल्पना को सरकार करेगी।यह योजना इसमें मजदूरों को 100 दिवस के बजाय 125 दिवस कार्य करने को मिलेगा, वही वन क्षेत्र में 25 दिन की और बढ़ोतरी की गई है।
व्हीबी-जी रामजी योजना का उद्देश्य क्या है
सांसद श्रीमती चौधरी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। गरीब,जनजाति और पिछड़ों को रोजगार की सुनिश्चितता करने यह कानून लाया गया है। नई योजना का लाभ बताते हुए कहा कि – काम के ज्यादा दिनों के साथ-साथ मजदूरों को जल्दी भुगतान मिलेगा। हर ग्रामीण परिवार को हर हाल में 125 दिन की रोजगार की गारंटी मिलेगी। प्रावधान के तहत हर हफ्ते मजदूरों को भुगतान किया जायेगा।कांग्रेस की सरकारों में नामकरण को लेकर की गई राजनीतिक का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि कांग्रेस देश के लगभग 600 संस्थान, योजनाओं, पुरस्कारों के नाम गांधी परिवार के नाम पर रखें। देश के खेल रत्न अवार्ड को भी राजीव गांधी के नाम पर रखा गया जबकि – खेल में राजीव गांधी जी का कोई योगदान नहीं था। हर प्रदेश की सरकार अपने बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन काम बंद का प्रावधान किया है, इसका उद्देश्य बुवाई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होने देना है जबकि मनरेगा में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।
मनरेगा में पारदर्शिता का अभाव था क्या
सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि 2005 में हमारी जरूरत अलग थी, अब हमारी ज़रूरतें अलग हैं।इसलिए इस ग्रामीण रोजगार योजना को 2025 की आवश्यकताओं के साथ पुन: व्यवस्थित करना मोदी सरकार ने आवश्यक समझा। इस योजना में पहले पारदर्शिता का अभाव रहा लेकिन बदली परिस्थितियों में इसे पूरी तरह से पारदर्शी बनाया गया है। अब इसमें रियल टाइम डाटा अपलोड होगा, जीपीएस व मोबाइल मॉनिटरिंग होगी और एआई के द्वारा फ्राड डिटेक्शन होगा। इससे सही लाभार्थियों को काम मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।नए सुधारो के तहत चार प्राथमिकताएं तय की गई है पहले मिट्टी के काम होते थे अब मिट्टी के साथ जल संबंधी काम, कोर ग्रामीण बुनियादी ढांचा का काम, आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा का काम और खराब मौसम के कारण काम में कमी को कम करना है। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, जिपं उपाध्यक्ष अजय जवाहर नायक, जिला महामंत्री अमित तिवारी, वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन मिश्रा, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष वैजयंती नंदू लहरें, दुर्गा सिंह ठाकुर, भरत जाटवर के साथ अन्य भाजपा नेता उपस्थित रहे। मंच का संचालन ओजस्वी वाणी से हरिनाथ खूंटे कर रहे थे। मीडिया हाउस से भरत अग्रवाल की टीम और योगेश कुर्रे की टीम पत्रकार वार्ता में उपस्थित रहें।



