रायगढ़। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े बारदाना घोटाले का खुलासा हुआ है। जिले में राशन दुकानों से कुल 2,37,173 नग बारदाना का उठाव किया गया था, जिसे धान उपार्जन केंद्रों या मार्कफेड गोदामों में जमा किया जाना था। जांच में सामने आया कि इसमें से 89,341 नग बारदाना वहां नहीं पहुंचा।
बारदाना के उठाव और जमा में अंतर पाए जाने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि उठाए गए बारदाना का एक बड़ा हिस्सा न तो धान उपार्जन केंद्रों में जमा हुआ और न ही मार्कफेड गोदामों तक पहुंचा।
जिला विपणन कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर पदस्थ खुशबू माथुर (31) ने लैलूंगा थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 1 जून 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच पीडीएस बारदाना का उठाव किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, लैलूंगा क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकानों से 95,198 नग, घरघोड़ा क्षेत्र से 51,500 नग और तमनार क्षेत्र से 90,475 नग। इस तरह कुल 2,37,173 नग पीडीएस बारदाना का उठाव किया गया था। जांच में सामने आया कि उठाए गए बारदाना में से 1,44,907 नग विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में भेजा गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान परिवहनकर्ता किशन निषाद के घर से 1,650 नग और मार्कफेड गोदाम घरघोड़ा से 1,275 नग बारदाना मिला। इस तरह कुल 1,47,832 नग ही पाया गया।
कुल उठाव 2,37,173 नग में से शेष 89,341 नग पीडीएस बारदाना गायब पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 22,33,525 रुपए है। पुलिस के अनुसार इस गड़बड़ी को परिवहनकर्ता किशन निषाद, देवकुमार यादव और शिवाकांत तिवारी ने मिलकर अंजाम दिया। लैलूंगा पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5)-बीएनएस और 316(3)-बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई में जुटी हुई है।
22 लाख के बारदाने की गड़बड़ी, राशन दुकानों से 23.7 लाख बारदाना उठाव
89 हजार गायब, 3 पर एफआईआर



