NavinKadamNavinKadamNavinKadam
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
      • खरसिया
      • पुसौर
      • धरमजयगढ़
    • सारंगढ़
      • बरमकेला
      • बिलाईगढ़
      • भटगांव
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Reading: निजी स्कूलों में केवल कक्षा 1 से मिलेगा दाखिला
Share
Font ResizerAa
NavinKadamNavinKadam
Font ResizerAa
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
  • HOME
  • छत्तीसगढ़
    • रायगढ़
    • सारंगढ़
    • शक्ति
    • जांजगीर चांपा
    • बिलासपुर
  • क्राइम
  • आम मुद्दे
  • टेक्नोलॉजी
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • व्यवसाय
  • Uncategorized
Follow US
  • Advertise
© 2022 Navin Kadam News Network. . All Rights Reserved.
NavinKadam > रायपुर > निजी स्कूलों में केवल कक्षा 1 से मिलेगा दाखिला
रायपुर

निजी स्कूलों में केवल कक्षा 1 से मिलेगा दाखिला

एसोसिएशन ने की सरकार से निर्णय निरस्त करने की मांग

lochan Gupta
Last updated: January 3, 2026 1:27 am
By lochan Gupta January 3, 2026
Share
4 Min Read

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 दिसंबर 2025 को लिए गए निर्णय से शिक्षा जगत में हलचल मच गई है। इस निर्णय के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आरटीई शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में कमजोर वर्ग के बच्चों का प्रवेश केवल कक्षा पहली से ही दिया जाएगा। पहले नर्सरी, प्री-प्राइमरी पीपी-1, पीपी-2 और कक्षा 1 में प्रवेश की सुविधा थी, लेकिन अब इसे सीमित कर दिया गया है।
फैसले की तीखी आलोचना करते हुए छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष किष्टोफर पॉल ने इसे आईटीई कानून की धारा 12(1)(ग) का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि स्कूल पूर्व-प्राथमिक शिक्षा (प्री-स्कूल) प्रदान करता है, तो 25 प्रतिशत आरक्षण का नियम वहां भी लागू होगा। कर्नाटक हाईकोर्ट के 17 अप्रैल 2017 के फैसले का हवाला देते हुए पॉल ने तर्क दिया कि प्रवेश के दो स्तर हैं – एक कक्षा 1 में और दूसरा पूर्व-प्राथमिक में। पॉल ने सरकार से अपील की है कि इस निर्णय को तुरंत निरस्त किया जाए और आईटीई के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में पूर्व-प्राथमिक स्तर से ही प्रवेश का अधिकार बहाल किया जाए।
शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के अनुसार, क्रञ्जश्व प्रवेश को केवल कक्षा 1 तक सीमित करने से कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं- प्रारंभिक शिक्षा का अवसर छिनना पूर्व-प्राथमिक शिक्षा 3-6 वर्ष आयु के बच्चे के आधारभूत विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है। यहां से निजी स्कूलों में प्रवेश न मिलने से गरीब बच्चे अच्छी शुरुआत से वंचित रह जाएंगे, जिससे आगे की पढ़ाई में लर्निंग गैप (सीखने का अंतर) बढ़ेगा।
शैक्षणिक असमानता बढऩा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बच्चा कक्षा 1 में अचानक निजी स्कूल में प्रवेश लेता है, तो वह पहले से पढ़ रहे अमीर बच्चों से पीछे रह जाएगा। इससे सामाजिक और आर्थिक असमानता गहराएगी। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने भी इसे ‘आरटीई विरोधी’ बताया और कहा कि यह गरीब बच्चों को महत्वपूर्ण चरण में पीछे धकेल देगा। वित्तीय बोझ से बचने का आरोप – आलोचकों का मानना है कि सरकार पूर्व-प्राथमिक स्तर पर रीइंबर्समेंट (फीस वापसी) के बोझ से बचना चाहती है, लेकिन इसका खामियाजा सबसे गरीब बच्चों को भुगतना पड़ेगा।
ड्रॉपआउट दर बढऩे का खतरा- शुरुआती स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिलने से बच्चों का आगे पढऩे का मनोबल टूट सकता है, जिससे ड्रॉपआउट बढ़ेगा। शिक्षाविद और आरटीई विशेषज्ञ इस निर्णय को कानून की भावना के विरुद्ध मानते हैं। आईटीई एक्ट की धारा 12(1)(ग) में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा पर भी आरक्षण लागू होने का स्पष्ट उल्लेख है। कई अदालती फैसलों, जैसे कर्नाटक हाईकोर्ट का निर्णय, में यह दोहराया गया है कि प्रावधान पूरक हैं और पूर्व-स्कूल स्तर को बाहर नहीं रखा जा सकता।
राष्ट्रीय स्तर पर क्रञ्जश्व विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रतिबंध समावेशी शिक्षा के उद्देश्य को कमजोर करते हैं। प्राइवेट स्कूलों में शुरुआती प्रवेश से सामाजिक मिश्रण बढ़ता है और गरीब बच्चे बेहतर सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। इस निर्णय से क्रञ्जश्व का मूल लक्ष्य सभी बच्चों को समान अवसर प्रभावित होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाएगा और गड़बडिय़ों पर अंकुश लगाएगा, लेकिन पैरेंट्स एसोसिएशन और विशेषज्ञ इसे गरीब विरोधी बता रहे हैं। अब देखना यह है कि सरकार इस विरोध पर क्या कदम उठाती है या अदालत में चुनौती दी जाती है।

You Might Also Like

सुशासन के चलते छत्तीसगढ़ के सीएम की लोकप्रियता राष्ट्रीय स्तर पर

जिम में लगी आग, कोई जनहानि नहीं

3 दिसंबर को साय कैबिनेट की बैठक

मोवा ओवरब्रिज पर दो कारों में हुई जोरदार टक्कर

नए विधानसभा में डॉ अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email
Previous Article वंदे भारत एक्सप्रेस में अब महिलाएं संभाल रही टीसी की जिम्मेदारी
Next Article बस्तर पंडुम 2026 बनेगा विश्व-स्तरीय सांस्कृतिक आयोजन : सीएम साय

खबरें और भी है....

वित्त्मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभमें पेश किया°, 1 लाख 72 हजार करोड़ कबजट
बजट से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सपत्नि की पूजा अर्चना
सीएम साय ने बजट को बताय‘संकल्प से सिद्धि’ करोडमैप
यह संकल्प का नहीं, भ्रष्टाचार का बजट : चरणदास महंत
पूरे परिवार पर कुल्हाड़ी से संघातिक हमला

Popular Posts

डेंगू से निपटने निगम और स्वास्थ्य की टीम फील्ड पर,पिछले 5 साल के मुकाबले इस साल केसेस कम, फिर भी सतर्कता जरूरी
जहां रकबे में हुई है वृद्धि पटवारियों से करवायें सत्यापन-कलेक्टर श्रीमती रानू साहू,मांग अनुसार बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश
वित्त्मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभमें पेश किया°, 1 लाख 72 हजार करोड़ कबजट
मेगा हेल्थ कैंप का मिला फायदा, गंभीर एनीमिया से पीड़ित निर्मला को तुरंत मिला इलाज
स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों का शत-प्रतिशत जारी करें जाति प्रमाण पत्र,कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने बैठक लेकर राजस्व विभाग की कामकाज की समीक्षा

OWNER/PUBLISHER-NAVIN SHARMA

OFFICE ADDRESS
Navin Kadam Office Mini Stadium Complex Shop No.42 Chakradhar Nagar Raigarh Chhattisgarh
CALL INFORMATION
+91 8770613603
+919399276827
Navin_kadam@yahoo.com
©NavinKadam@2022 All Rights Reserved. WEBSITE DESIGN BY ASHWANI SAHU 9770597735
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?