रायगढ़। जिले के लैलूंगा विधानसभा में आने वाले तमनार ब्लॉक में जिंदल उद्योग को आबंटित गारे पालमा सेक्टर-1 की कोयला खदान आबंटित होने के बाद इसके लिए हुई जनसुनवाई के विरोध में 12 दिसंबर से जारी आंदोलन से पहले जिंदल उद्योग द्वारा अपने कोल ब्लॉक की जनसुनवाई को निपटाने के लिए प्रस्तावित स्थल से दूसरी जगह कराए जाने के बाद यह मामला लगातार तूल पकड़ता चला गया और बीते 27 दिसंबर को अचानक आंदोलनकारियों व पुलिस के बीच एक सडक़ दुर्घटना के बाद हुआ विवाद इतना तूल पकड़ लिया कि पथराव, आगजनी के साथ-साथ पुलिस के एक एसडीओपी, तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम सहित एक महिला आरक्षक के साथ बदसलूकी तक कर दी गई। अब इस मामले में भले ही जिला प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच चर्चा के बीच यह आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन अब एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों की चुप्पी चर्चा में है।
सामने आया बर्बरता का नया वीडियो
27 दिसंबर की हिंसा के दौरान आधा दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच पथराव के बाद कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच सीधी भिड़ंत दिखाई दे रही है। इनमें तमनार थाना प्रभारी को महिलाओं द्वारा लात-घूंसों से पीटते हुए वीडियो वायरल हुआ है। वहीं एक महिला आरक्षक के साथ आंदोलनकारियों द्वारा बर्बरता करते हुए उसके कपड़े फाडक़र उसे अपमानित करने का शर्मनाक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक के बाद एक आंदोलनकारी महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते नजर आ रहे हैं और वह हाथ जोडक़र दया की भीख मांगती हुई दिखाई दे रही है। 20 सेकंड से अधिक का यह वीडियो पुलिस अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
पुलिस अधिकारियों ने साधी चुप्पी
हालांकि प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया है और जनसुनवाई निरस्त किए जाने का भरोसा दिया गया है, लेकिन 27 दिसंबर को हुई सबसे निंदनीय व शर्मनाक घटना को लेकर पुलिस के कोई भी आला अधिकारी न तो कैमरे के सामने आ रहे हैं और न ही कोई बयान वीडियो में सामने आ रहा है। महिला आरक्षक के साथ हुई शर्मनाक घटना के मामले में भी पुलिस कुछ भी कहने से कतरा रही है।
तमनार हिंसा का नया वीडियो आया सामने
आंदोलनकारियों ने फाड़े महिला आरक्षक के कपड़े



