जशपुरनगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को सडक़ अधोसंरचना के क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी सौगात मिली है।नए साल में जिले के विभिन्न विकासखंडों में 77 सडक़ निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर बड़ी सौगात दी है। इन सभी कार्यों के लिए कुल रू.192 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इससे जिले के ग्रामीण, दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी। जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत गायबुड़ा-ृखालपारा मार्ग के लिए रू.3 करोड़ 24 लाख, टोरा-परसुरा रू.4 करोड़ 33 लाख, समदुराद-तेतरटोली रू.63 लाख, टीआर-02 से अक्रिकोना रू. 2 करोड़ 21 लाख, बगडोल-गायरटोली रू.1 करोड़ 90 लाख, छिछली-सन्ना से चीवराडांड रू.2 करोड़ 33 लाख तथा सरईपानीदृरागरा मार्ग के लिए रू.2 करोड़ 02 लाख की मंजूरी दी गई है। दुलदुला विकासखंड दुलदुला विकासखंड में कोरनादृडोभ (कदमटोली होकर) मार्ग के लिए रू.4 करोड़ 18 लाख, कस्तुरा-सरईटोली रू.2 करोड़ 92 लाख, फरसा-सुनकाडंड कादोबहर रू.2 करोड़ 66 लाख, कंटासारूद-तुर्री रू.2 करोड़ 77 लाख, एनएच से कोरकोटटोली रू.4 करोड़ 40 लाख, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी-आसनबहार (नोनियाताला) रू.2 करोड़ 57 लाख, चटकपुर-सुकबासुटोली-खुंटीटोली-नगेराटुकु रू.3 करोड़ 19 लाख, खुंटीटोलीद-डंडाडीह रू.2 करोड़ 45 लाख एवं चराईडांड-गिधासांड मार्ग के लिए रू.2 करोड़ 45 लाख स्वीकृत किए गए हैं। जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत तेलाइन-मोहांटोली मार्ग रू.6 करोड़ 88 लाख, खुटगांव-केंदुटोली रू.3 करोड़ 03 लाख, नवाटोली-सहसपुर रू.4 करोड़ 25 लाख, बनखेता-जुनाडीह रू.3 करोड़ 09 लाख, सागजोर-सोनाजोरी रू.3 करोड़ 34 लाख, घुमरा-बुरुशापार रू.2 करोड़ 50 लाख, बलुआबहार-करमटोली रू.1 करोड़ 68 लाख, बेलडीपा-रेगरमुंडा रू.2 करोड़ 56 लाख, घुमरा रोड-छकलपुर रू.1 करोड़ 64 लाख एवं कुनकुरीदृलावकेरा से मयूरटोली मार्ग के लिए रू.1 करोड़ 49 लाख की स्वीकृति दी गई है।जिले के कुनकुरी विकासखंड में एमडीआर से रेमते रू.3 करोड़ 80 लाख, खुटगांव से बतानटोली (धान खरीदी केंद्र तक) रू.1 करोड़ 87 लाख, महुवाटोली-पुटुकेला नदी तक रू.1 करोड़ 30 लाख, कुनकुरी-मज्हाटोली रू.2 करोड़ 11 लाख, धुमाडांड- बुधीडेरा रू.1 करोड़ 31 लाख, दमगड़ा-डडगांव रू.2 करोड़ 87 लाख, रानीकोम्बो-छातापारा रू.4 करोड़ 11 लाख, प्रधानमंत्री सडक़ से लोढ़ाम्बा रू.2 करोड़ 40 लाख, एनएच-43 से परसाकानी रू.1 करोड़ 96 लाख, बरडांड-सेंदरीमुंडा रू.1 करोड़ 92 लाख, कुनकुरी-राजाडांड रू.2 करोड़ 06 लाख, रजौटी-कोटिया रू.3 करोड़ 84 लाख एवं करमटोली-बोडाटोंगरी मार्ग के लिए रू.5 करोड़ 57 लाख स्वीकृत किए गए हैं। जिले के मनोरा विकासखंड मनोरा विकासखंड अंतर्गत करडीह-सरईटोली (केराकोना) रू.4 करोड़ 78 लाख, रांझाडीपा-पियारटोली रू.4 करोड़ 86 लाख, टीआर-05-रुकुरमा रू.1 करोड़ 84 लाख, टीआर-07दृघटगांव रू.1 करोड़ 42 लाख, बोरोकोना-वनग्राम रू.2 करोड़ 11 लाख, जरहापाठ रू.4 करोड़ 03 लाख एवं मतरलौंगा मार्ग के लिए रू.1 करोड़ 77 लाख की मंजूरी दी गई है।जिले के पत्थलगांव विकासखंड में लखझार-मुडापारा रू.2 करोड़ 28 लाख, चंदागढ़- डूमरमुड़ा रू.1 करोड़ 13 लाख, डूमरबहार-पकरीढाप रू.2 करोड़ 53 लाख, लुडेग-सुरंगपानी (जोरामा) रू.2 करोड़ 94 लाख, सावाटोली-बिछीटोला रू.2 करोड़ 53 लाख, तिरशोथ-मुदापारा रू.1 करोड़ 50 लाख, सरगुजा सीमा-चिमटापानी रू.98 लाख, धवईपारा- दर्रापारा रू.1 करोड़ 20 लाख, बुढ़ाडांड-बरपारा रू.2 करोड़ 07 लाख, लुड़ेग- सुरंगपानी- खगेश्वरपारा रू.2 करोड़ 06 लाख, कदमपारा-लोटापारा रू.1 करोड़ 17 लाख, खरकट्टा-पंडरीपारा रू.1 करोड़ 70 लाख, किलकिला-केराकछार- लाइनपारा रू.1 करोड़ 31 लाख, बंधनपुर-घोटमुड़ा रू.2 करोड़ 19 लाख, लुड़ेग-सुरंगपानी-बरपानी रू.3 करोड़ 31 लाख, पकपानी-घुटारीपारा रू.1 करोड़ 09 लाख तथापतराटोली- पकरीपारा मार्ग के लिए रू.80 लाख स्वीकृत किए गए हैं। जशपुर विकासखंड में जशपुर कॉलेज रोड-ग्रनचटोली (लक्ष्मी नगर) रू.2 करोड़, सिटोंगा-छेंनगोंटोली रू.2 करोड़ 57 लाख, बरगांव-हर्राकोना रू.2 करोड़ 88 लाख, बडबनाई- खुंटीटोली रू.6 करोड़ 57 लाख एवं लोखंडी- बस्ता (घुमलू होकर) मार्ग के लिए रू.4 करोड़ 28 लाख की स्वीकृति दी गई है।वहीं जिले के कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत फरसा जुनवाइन- रेनकुटोली रू.1 करोड़ 56 लाख, नक्तिमुंडा- ृबिहाबल- पतरापाली रू.3 करोड़ 72 लाख, कोडलिया- गतीमहुवा रू.1 करोड़ 93 लाख, सोनारपहरी-मुख्य मार्ग रू.3 करोड़ 20 लाख, खुंटेर-करमटोली रू.2 करोड़ 72 लाख, एनएच-43-महादेवमुड़ा रू.1 करोड़ 78 लाख, पालीडीह-कटंगजोर-डूमरकोना रू.3 करोड़ 05 लाख, बंधनपुर रोड-ृबरडांडपरा रू.1 करोड़ 48 लाख तथा लुड़ेग-सुरंगपानी-ृफिटिंगपारा मार्ग के लिए रू.1 करोड़ 27 लाख स्वीकृत किए गए हैं।इन सडक़ कार्यों की स्वीकृति से जशपुर जिले में आवागमन सुलभ होगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वर्षों से लंबित मांगें पूरी होने पर क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।



