रायगढ़। रेलवे स्टेशन में इन दिनों चल रहे निर्माण कार्य के चलते हर समय धूल-डस्ट तो उड़ ही रहा है, साथ ही यात्रियों द्वारा फैलाए गए कचरे की भी सही ढंग से सफाई नहंीं हो रहा है, इससे प्लेटफार्म में जगह-जगह गंदगी देखने को मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि त्यौहार आते ही स्टेशन की साफ-सफाई पर बट्टा लग जाता है, जिसके चलते कहीं झाडू नहीं लगता तो कहीं डस्टबिन से कचरे खाली नहीं होते, इसके चलते प्लेटफार्म में कचरा फैल रहा है। ऐसे में गुरुवार को क्रिसमस त्यौहार के चलते स्टेशन में नाममात्र के ही सफाई कर्मी बचे थे, जो सुबह के समय झाडू तो लगाए, लेकिन उसके बाद सभी अपने घर चले गए, ऐसे में दोपहर के समय एक नंबर प्लेटफार्म से लेकर दो नंबर तक सभी जगह गंदगी फैल गई थी, जिसे हटाने वाले ही नहीं रहे, इस दौरान एक सफाई कर्मी मिला जिसने बताया कि त्यौहार के चलते आधे से ज्यादा लोग छुट्टी में चले गए हैं, वहीं जो 8-10 बजे थे, वह भी सुबह के समय सफाई करने के बाद अपने घर चले गए हैं, इसके चलते यहां की व्यवस्था बदहाल हो रही है, लेकिन सबसे बड़ी बात तो यही रही कि दोपहर के समय सफाई सुपरवाईजर भी नजर नहीं आया। जिसके चलते जो कर्मचारी ड्यूटी पर थे वह भी काम करने की बजाय इधर-उधर बैठकर समय काटते नजर आए, इससे यात्रियों को गंदगी के बीच ट्रेन में सफर करना पड़ा। रेलवे स्टेशन में सुबह के समय प्लेटफार्म की सफाई होने के बाद डस्टबिन को खाली किया जाता है, ताकि यात्री कचरे को डस्टबिन में डाल सके, लेकिन गुरुवार को सुबह से ही स्टेशन में कचरा गाड़ी ही नहीं पहुंची थी, ऐसे में सभी डस्टबिन भरा हुआ था। वहीं दोपहर के समय डस्टबिन के कचरे को आवारा कुत्तों द्वारा खिंच कर गिरा देने से गंदगी फैल जा रही थी, इससे एक सफाई कर्मी द्वारा उसे साफ तो किया जा रहा था, लेकिन जैसे ही वह दूसरे डस्टबिन के पास पहुंचता था तो फिर से वही स्थिति बन जाती थी। इससे पूरे दिन यहां परेशानी का सामना करना पड़ा।
गाड़ी खराब होने का हवाला
उल्लेखनीय है कि स्टेशन के डस्टबिन से कचरा खाली करने के लिए एक गाड़ी आती है, जो सभी डस्टबिन से कचरा कलेक्ट करता है, लेकिन गुरुवार को यहां गाड़ी ही नहीं पहुंची थी। जिसके चलते यह समस्या बनी रही। वहीं कुछ कर्मचारियों ने बताया कि कचरा गाड़ी खराब हो गई, ऐसे में अब जब तक गाड़ी बन नहीं जाता, तब तक यहां समस्या बनी रहेगी।
त्यौहार पर स्टेशन की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे
कभी झाडू लगाने में कोताही तो कभी डस्टबिन नहीं हो रहे खाली



