रायगढ़। प्रभु यीशु का जन्मोत्सव क्रिसमस पूरी आस्था, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। शहर के कई गिरजाघरों में इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया, जहां सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचकर प्रार्थना कर मनोकामनाएं मांगते नजर आए।
क्रिसमस को लेकर मसीह समाज द्वारा बीते एक माह से तैयारियां की जा रही थीं। इस दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। विश्वासगढ़ चर्च में 24 नवंबर को धन्यवाद पर्व मनाया गया, वहीं 29 नवंबर को सीएनआई डे का आयोजन संपन्न हुआ। दिसंबर के पहले सप्ताह में प्रभु यीशु के आगमन का प्रथम रविवार मनाया गया, जिसमें विधिविधान के साथ विशेष प्रार्थनाएं की गईं। इसके बाद पूरे दिसंबर माह में विभिन्न धार्मिक आयोजन होते रहे। 24 दिसंबर को संडे स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रभु यीशु के जन्म की झांकी दिखाई गई। रात 12 बजे जैसे ही क्रिसमस की शुरुआत हुई, गिरजाघरों में प्रभु यीशु का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया और विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं।
गिरजाघर दिनभर श्रद्धालुओं के लिए खुले
25 दिसंबर यानी क्रिसमस के दिन शहर के सभी चर्च दिनभर श्रद्धालुओं के लिए खुले रहे। मसीह समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोग भी चर्च पहुंचे, जहां उन्होंने कैंडल जलाकर प्रार्थनाएं कीं। पूरे दिन विशेष प्रार्थना सभाओं का सिलसिला जारी रहा।
घर-घर हुई कैरोल सिंगिंग
विश्वासगढ़ चर्च के सुशील कुमार ने बताया कि 16 दिसंबर से 24 दिसंबर तक कैरोल सिंगिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के लोग घर-घर जाकर प्रभु यीशु के जन्म के गीत गाते रहे। क्रिसमस के अवसर पर चर्च को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी परंपरागत तरीके से क्रिसमस का महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
आस्था-उल्लास के साथ मनाया गया प्रभु यीशु का जन्मोत्सव
रायगढ़ के गिरजाघरों में उमड़ी भीड़, रात में चर्चा में हुई विशेष प्रार्थना सभा



