रायगढ़. जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा योजना का नाम बदलने के को लेकर महात्मा गांधी की तस्वीर रखकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए पूरे दिन धरना पर बैठकर नारेबाजी की।
उल्लेखनीय है कि रविवार दोपहर 12 बजे महात्मा गांधी चौक पर जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा का नाम बदलने को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था, इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना था कि भाजपा सरकार ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को बदलने के लिए एक विधेयक लोकसभा में पेश किया। जो विपक्ष के विरोध के बावजूद यह कानून जल्दी पास कर दिया गया, जिसमें कई ऐसे जन विरोधी बदलाव किए गए जो आम लोगों के लिए सही नहीं माने जा रहे हैं। साथ ही उनका कहना था कि देश की कल्याणकारी योजना से महात्मा गांधी के नाम और मूल्यों को हटाने की कोशिश की गई है। वहीं वरिष्ठ कांग्रेसी दीपक पांडेय का कहना था कि सभी व्यापारियों को भी इस कानून का विरोध करना चाहिए। क्योंकि केवल नाम बदलने से कुछ नहीं होगा, बजट बढ़ाना चाहिए। मजदूरों के लिए बनाई गई इस योजना का नाम बदलना पूरी तरह से गलत है।
काम के अधिकार को छीनने का प्रयास
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 20 साल पहले महात्मा गांधी के नाम से मनरेगा (ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून) लागू किया था, जो कानून बनाने में हर क्षेत्र के लोगों की सहमति ली गई थी। उसके बाद ही इसे पास किया गया था।, लेकिन अब केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने इस कानून से लोगों के काम करने के अधिकार को छीनने का प्रयास किया है। साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने जीवन का बलिदान दिया और अंतिम शब्द “हे राम” थे, लेकिन भाजपा इसका राजनीतिक फायदा उठाने में लगी है।
प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी
जिला कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित थे, जो लोगों को संबोधित किया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शहर शाखा यादव, ग्रामीण अध्यक्ष नागेन्द्र नेगी, वरिष्ठ कांग्रेसी दीपक पांडेय, संतोष राय, जगदीश मेहर, वासु यादव, पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनिल शुक्ला, पूर्व महापौर जानकी काट्जू, महामंत्री विकास ठेठवार, विकास शर्मा, संजय देवांगन, वसीम खान समेत अन्य कांग्रेसी नेता शामिल थे।
मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस ने दिया एकदिवसीय धरना
केंद्र सरकार पर गरीब मजदूरों के अधिकार छीनने का लगाया आरोप



