रायगढ़। आज तीज के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ, रायगढ़ ने धरना स्थल पर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार और उनके आला अफसरों के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना की। यह अनुष्ठान अनिश्चितकालीन हड़ताल के नौवें दिन हुआ, जो 18 अगस्त से चल रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या हनुमान जी की कृपा से सरकार को सद्बुद्धि मिलेगी, या यह प्रार्थना भी कर्मचारियों की मांगों की तरह सरकारी फाइलों में पेंडिंग हो जाएगी?
2023 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके मंत्रिमंडल ने नियमितीकरण का ढोल पीटा था। लेकिन दो साल होने को है कर्मचारी सडक़ों पर हैं। क्या यह वादा सिर्फ वोटों की फसल काटने का जुमला था? या सरकार को लगता है कि कर्मचारी इतने भोले हैं कि हर बार श्जल्दी करेंगेश् के लॉलीपॉप से बहल जाएंगे? पब्लिक हेल्थ कैडर की मांग तो मानो कर्मचारियों का श्रामसेतुश् बन गया हैकृसपना बड़ा, पर हकीकत में सिर्फ कागजी लंका! क्या सरकार इस कैडर को बनाने का साहस जुटाएगी, या यह मांग भी श्अगली बैठक में विचार करेंगेश् के भंवर में डूब जाएगी? 27: वेतन वृद्धि और ग्रेड पे की नीति की मांग कर्मचारियों का हक है। लेकिन सरकार का रवैया देखकर लगता है जैसे यह मांग कोई श्अलादीन का चिरागश् हो, जो कभी नहीं मिलेगा। क्या सरकार कर्मचारियों को सिर्फ श्बजट नहीं हैश् का राग सुनाती रहेगी? कार्य मूल्यांकन में धांधली और स्थानांतरण नीति में अंधेरगर्दी कर्मचारियों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। क्या सरकार इस चक्रव्यूह को तोडऩे का कोई श्अभिमन्युश् खोजेगी, या कर्मचारियों को भटकने के लिए छोड़ दिया जाएगा?
अनुकम्पा नियुक्ति और चिकित्सा अवकाश की मांगें कर्मचारियों की बुनियादी जरूरत हैं। लेकिन क्या सरकार इन मांगों को गंभीरता से लेगी, या सिर्फ विचाराधीन का ठप्पा लगाकर फाइलों में दफन कर देगी?
10 लाख रुपये की कैशलेस बीमा नीति की मांग कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का सवाल है। लेकिन क्या सरकार इसे लागू करेगी, या यह भी अगले बजट में देखेंगे की ठंडी सांत्वना बनकर रह जाएगा? छत्तीसगढ़ के 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी, जिनमें रायगढ़ के 550 योद्धा शामिल हैं, 20 साल से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। कोविड-19 में इन्हें श्कोरोना योद्धाश् का तमगा दिया गया, लेकिन आज ये योद्धा सडक़ों पर श्भीखश् मांग रहे हैंकृअपने हक की। क्या सरकार इन कर्मचारियों की पुकार सुनेगी, या स्वास्थ्य व्यवस्था को वेंटिलेटर पर पहुंचाने का इंतजार करेगी?
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ ने दो-टूक कहा है कि जब तक 10 सूत्रीय मांगों पर लिखित आदेश नहीं, हड़ताल बंद नहीं। तीज पर महिला कर्मचारियों ने भी धरने में बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और अपनी मांगों को बुलंद किया। क्या सरकार अब भी कुंभकर्णी नींद में रहेगी, या कर्मचारियों की ताकत को समझेगी?
तीज पर सुंदरकांड पाठ व सरकार के लिए सद्बुद्धि की मंगल कामना की
एनएचएम कर्मचारी संघ का आंदोलन नवें दिन भी जारी
