रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित तिवारी परिवार गौरव ग्राम चचेड़ी के गंगा गोदावरी कुल के सबसे छोटी बहू श्रीमती कुमारी देवी तिवारी के जन्मदिवस उत्सव के अवसर पर तिवारी परिवार के चार भाई और एक बहन के लगभग 300 सदस्य एक छत के नीचे उपस्थित रहे 7 श्रीमती कुमारी देवी तिवारी ने बेटा, बेटी नाती पंती, भांचा, भांजी, बहु सहित अपने चार पीढ़ीयों संग मनाया अपना जन्मदिन। बीते दिनों श्रीमती कुमारी बाई तिवारी ने समता कॉलोनी स्थित विप्र भवन में 17 अगस्त को अपना 95वां जन्मदिन मनाया। श्रीमती कुमारी देवी अपने 95वें वर्ष की आयु में स्वस्थ और सकारात्मक सोच के साथ समाज एवं परिवार को ‘बहु सम्मान’ जैसी परंपरा की शुरुआत कर अपने कुल के वरिष्ठ बहुओं का सम्मान कर समाज को एक नई दिशा दी। समाज में आज बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों को स्वास्थ्य अकेलापन और सुरक्षा जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन जिन घरों में बड़े बुजुर्गों का सम्मान होता है वहां उनका अनुभव धैर्य और संस्कार पूरे परिवार को संबल देता है और वट वृक्ष के छांव में पूरा परिवार पलता और बढ़ता है। कुल परंपरा को आने वाली पीढिय़ों को अपने छांव में रखकर दिशा दर्शन देते हैं। बड़े बुजुर्गों की उपस्थिति से परिवार के कठिनाइयों और भावनाओं को करीब से समझ कर परिवार को खुशहाल और समाज में प्रतिष्ठा दिलाया जा सकता है। श्रीमती कुमारी देवी जीवन के अपने कठिन संघर्षों और चुनौतियों के से जूझते हुए अपने 94 वर्ष पूरा कर 95 वर्ष में प्रवेश कर अपने भरे पूरे परिवार के बीच जन्मोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित होना तिवारी परिवार द्वारा समाज को एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। समाज में आज स्त्री के सम्मान और अधिकार की चर्चा समय-समय पर होते रहती है। मां,बहु एवं बेटियां समाज, संस्कृति और कुल की परंपरा के रक्षक के रूप में कार्य करती है। इस परंपरा का निर्वाह करते हुए श्रीमती कुमारी देवी अपने आने वाले पीढिय़ों को बहु सम्मान कर समाज में आए स्त्री सम्मान का संदेश दे कर समाज में एक मिसाल बनी। श्रीमती कुमारी देवी अपनी कुल परंपरा के साथ आधुनिक जीवन के बीच संतुलन बनाकर अपने जीवन और आने वाले पीढ़ीयो को जीवन की जटिलताओं और संस्कृति के गहराइयों पर विचार करने का भी संदेश अपने परिवार और समाज को दी है।
जीवंत परंपराओं की मिसाल बनीं श्रीमती कुमारी देवी तिवारी

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lochan Gupta

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