रायपुर। मोजो मशरूम फैक्ट्री में एक बार फिर विवाद हुआ है। जहां शनिवार (9 अगस्त) की रात एक कर्मचारी ने खाने में मशरूम की सब्जी मांगी तो सुपरवाइजर ने देने से मना कर दिया फिर मारपीट हो गई। मामला खरोरा थाना क्षेत्र का है। कर्मचारी मयंक वर्मा ने आरोप लगाया कि सुपरवाइजर आशिक ने सब्जी नहीं दूंगा बोलकर पहले गाली दिया फिर रॉड से मारा, जिससे उसके दाहिने हाथ की हथेली में चोट आई है। वहीं कर्मचारी के साथी भी इस घटना में घायल हुए हैं। मारपीट में सुपरवाइजर के साथी भी शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एपुआईआर दर्ज किया है। मामले में आगे जांच जारी है। बता दें कि 1 महीने पहले ही इस फैक्ट्री में बंधक बनाए गए 97 मजदूरों को प्रशासन ने रेस्क्यू कर छुड़वाया था। कंपनी पर आरोप था कि 18 घंटे काम करवाते और कच्चा खाना देते थे। जिसके बाद 4 ठेकेदारों पर एफआईआर हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, वार्ड क्र. 15 बंगोली के रहने वाले मयंक वर्मा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसके मुताबिक, वह पिकरीडीह के मोजो मशरूम फैक्ट्री में पिछले 3 साल से काम कर रहा। 9 अगस्त की सुबह 4 से 9 बजे तक ड्यूटी पूरी करने के बाद वह खाना खाने गया। जहां कर्मचारी ने सुपरवाइजर आशिक से सब्जी के लिए मशरूम मांगा। सुपरवाइजर ने मशरूम देने से मना कर दिया। दोबारा मांगने पर वह गाली गलौज करने लगा। फिर शाम को मयंक अपने साथियों के साथ सुपरवाइजर को समझाने के लिए पहुंचा। जहां सुपरवाइजर भी अपने साथियों को बुला लाया। शाम लगभग 4:30 बजे, कर्मचारी अपने दोस्त डिगेंद्र के साथ सुपरवाइजर से बात करने कंपनी पहुंचा। आरोप है कि उन्हें देखते ही सुपरवाइजर आशिक ने उन्हें कंपनी में आने का कारण पूछते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद आशिक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर रॉड से हमला किया। हमले में कर्मचारी के दाहिने हाथ की हथेली और उसके दोस्त के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। इस मामले में सुपरवाइजर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ खरोरा थाने में धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मोजो-मशरूम फैक्ट्री के सुपरवाइजर ने कर्मचारियों को रॉड से पीटा
पहले भी प्रशासन ने रेस्क्यू कर 97 मजदूरों को छुड़वाया था
