रायपुर

कांग्रेस नेताओं के करीबी रहे केके श्रीवास्तव ठग वांटेड घोषित

रायपुर। कांग्रेस नेताओं के करीबी रहे बिलासपुर निवासी के.के. श्रीवास्तव को पुलिस ने वांटेड घोषित किया है। श्रीवास्तव पर ठगी का आरोप है और वह लंबे वक्त से फरार चल रहा है। रायपुर पुलिस ने 10 हजार का इनाम रखने के साथ आयकर विभाग को भी जांच सौंप दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस को आरोपी के के श्रीवास्तव के खाते की जांच करने में करीब 30 करोड़ रुपए के लेन-देन की जानकारी मिली है। इसके अलावा पांच और बैंक खाते भी मिले हैं जिसमें करीब 300 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। हालांकि ये बैंक खाते ईडब्लूएस मकानों में रहने वाले लोगों के नाम पर है।
स्नढ्ढक्र के मुताबिक ठगी उत्तर प्रदेश के रावत एसोसिएट के मालिक अर्जुन रावत के साथ हुई है। जून 2023 में उनकी मुलाकात एक धर्मगुरु के माध्यम से केके श्रीवास्तव से हुई। श्रीवास्तव ने तेलीबांधा लाभांडी स्थित एक अपार्टमेंट में रावत से मुलाकात की। श्रीवास्तव ने खुद को कई कांग्रेस नेताओं का करीबी बताया। रावत का देश भर में हाईवे, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, कंस्ट्रक्शन और बिल्डिंग निर्माण से संबंधित कारोबार है। वे अपनी कंपनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में काम के नए टेंडर लेना चाहते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी के. के श्रीवास्तव ने अर्जुन रावत से प्रोजेक्ट के लिए 15 करोड़ गारंटी मनी और परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के नाम पर वसूल लिए। उसने ठेकेदार को 500 करोड़ का काम दिलाने की बात कही थी। इसके लिए श्रीवास्तव ने उसे प्रोजेक्ट के कई फर्जी दस्तावेज भी दिखाए। इसके अलावा एक फर्जी कंपनी का मेमोरेंडम भी तैयार कर भेजा, ताकि चीजें ऑफिशियल लगे। पीडि़त ने इस रकम को अलग-अलग किश्तों में भुगतान किया था। जब ठेकेदार को लंबे समय तक स्मार्ट सिटी का टेंडर नहीं मिला तो उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीडि़त ने रायपुर के तेलीबांधा थाने में 2 महीने पहले शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
इस मामले में पुलिस ने के.के श्रीवास्तव और उसके बेटे कंचन श्रीवास्तव को आरोपी बनाया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, जान से मारने की धमकी और क्रिमिनल तरीके से प्लानिंग करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी पर 6 धाराएं लगी हैं। फिलहाल, दोनों पिता-पुत्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस पिछले 1-2 महीने से दोनों आरोपियों की तलाश में बिलासपुर स्थित अज्ञेय नगर और दूसरे जगहों पर छापा मारा था। वे दोनों वहां पर नहीं मिले तो पुलिस ने आसपास पूछताछ कर वापस लौट आई थी। केके श्रीवास्तव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की शरण ली है। उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन लगाया है। इस पर हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब की है। मामले की सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।

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