भिलाईनगर। निगम प्रशासन के द्वारा विगत दिनों एक धार्मिक स्थल के आसपास बनी दुकानों को नेस्तनाबूद करने का काम किया है।जिसके चलते निगम क्षेत्र में अवैध कब्जाधारियो के बीच हडक़ंप मचा हुआ है। अवैध कब्जाधारी इस बात से भयभीत है,कि उनके अतिक्रमण पर निगम की गाज कब गिरेगी विदित है।जी रोड में लगभग ढाई एकड़ में कब्जा कर दुकानों का निर्माण करके उसे किराए पर चलाए जा रहा था। जिसका किराया लगभग डेढ़ लाख रुपए हर महीना आता था। निगम की जमीन पर कब्जा कर मुफ्त में किराए वसूल करने का काम काफी लंबे समय से चल रहा था। इस विषय पर कहा जा रहा है कि एक ही व्यक्ति द्वारा दुकानों का किराया वसूल कर हजम कर लिया जाता था। जिसकी वजह से वहां पर अन्य लोगों की निगाहें भी इन दुकानों पर पडऩे लगी।और वह इन दुकानों से होने वाले आय के संदर्भ में हिस्सेदारी करने पर जुटगए, परंतु वर्षों से किराया खा रहे हैं शख्स ने इस मामले में हिस्सेदारी करने से साफ इनकार कर दिया।जिसकी वजह से इसका विरोध करने वाले लोग न्यायालय की शरण में चले गए और न्यायालय के माध्यम से अतिक्रमण को हटवाने में कामयाब रहे। निगम क्षेत्र में वर्तमान समय में यह एक बड़ी कार्यवाही मानी जा रही है। परंतु इससे भी बड़ी कार्यवाही अन्य अतिक्रमणों पर होना है।जिस पर निगम प्रशासन कब कार्यवाही करेगा इसका इंतजार बेसब्री से लोगों को है।निगम क्षेत्र में बेशकीमती भूमि पर कब्जा कर उसे पर कारोबार करने वाले असंख्य लोगों की जमात है। इसमें अधिकांश राजनीतिक संरक्षण के चलते मामले में कार्यवाही नहीं हो पाती है। और वह कब्जा कर किराए पर देने का काम आसानी से करने कर रहे हैं ।अब यह बात धीरे-धीरे सामने आ रही है कि इन अवैध कब्जों में निगम के अधिकारी कर्मचारियों की सहमति रही है। जिसकी वजह से अवैध कब्जाधारी कब्जा करने का सहज जुटा पाते हैं। और इस अवैध कारोबार में निगम के अधिकारी कर्मचारियों की बराबर की हिस्सेदारी भी है।जिसके वजह से निगम क्षेत्र में अवैध कब्जा कर उसे पर कारोबार करने का धंधा फलता-फूलता नजर आ रहा है। जिस पर प्रभावी ढंग से कार्यवाही के लिए निगम के कुछ आयुक्तों ने कदम भी उठाया था। परंतु उनके तबादले के पश्चात उनकी कार्यवाही पर विराम लग गया था।वर्तमान समय में संपन्न हुई बड़ी कार्यवाही के पश्चात अब यह माना जा रहा है कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर व्यापार करने वालों के खिलाफ निगम प्रशासन भविष्य में कठोर कदम उठा सकता है। इसके साथी निगम प्रशासन अवैध कब्ज को हटाने का काम तो कर देता है परंतु इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं करता है जिसकी वजह से निगम के कुछ अधिकारी कर्मचारी के लिए अवैध कब्जा करना एक व्यवसाय बन गया है। और वे लोग कब्ज़ा हटाए जाने के बाद सुरक्षित हो जाते हैं।इसलिए कब्जाधारियों को संरक्षण देने वाले पर भी अधिकारी कर्मचारियों पर भी निगम प्रशासन को कार्यवाही करना चाहिए।और इस पर जब तक विराम नहीं लगाया जाएगा तब तक निगम क्षेत्र में यह कारोबार पैर पसारता रहेगा।



