रायगढ़। धरमजयगढ़ विकास खण्ड के ग्रामीण क्षेत्र के महिलाएं हर दो-चार दिन में कोई न कोई गांव से थाने आकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब चाहती है कि उनके क्षेत्र से पूरी तरह शराब बनाना बेचना एवं पीना बंध हो जाए ताकि किसी की घर बरबाद न हो सके।
अवैध शराब पर कार्यवाही करने के लिए शासन द्वारा आबकारी विभाग संचालित है लेकिन धरमजयगढ़ क्षेत्र में यहा विभाग पूरी तरह निष्कृय साबित हो रही है जिसका नतीजा है कि आज गांव की महिलाओं को शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए पुलिस का साथ लेना पड़ रहा है। जबकि आबकारी विभाग को अवैध शराब पर कार्यवाही करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं कर रहे हैं जिसके कारण धरमजयगढ़ क्षेत्र के ढाबों में खुलआम शराब परोसी जा रही है। बताया जाता है कि धरमजयगढ़ के रायगढ़ रोड पर एक ऐसा ढाबा है जिस पर आबकारी विभाग कार्यवाही नहीं करते हैं? उल्टा आबकारी विभाग खुली छूट दे रखा शराब बेचने की? धरमजयगढ़ क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध शराब पर आबकारी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने के कारण बिलासपुर आबकारी टीम को धरमजयगढ़ के उसी ढाबा में जिस ढाबा को धरमजयगढ़ आबकारी टीम द्वारा खुली छुट दे रखा गया था उस पर कार्यवाही करते हुए ढाबा संचालक को जेल भेज दिया था।
इसके बाद भी धरमजयगढ़ के ढाबों पर अवैध शराब पर रोक नहीं लगा है और अब भी खुलेआम शराब परोसी जा रही है। मेजेदार बात है कि आबकारी विभाग द्वारा धरमजयगढ़ के ढाबों में कार्यवाही तो कभी कभार करते हैं लेकिन एक ढाबा को छोडक़र?
ढाबों में खुलेआम बिक रहा अवैध शराब!
आबकारी विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल, पुलिस के जिम्मे कार्रवाई को ढाल बनाकर विभाग कुंभकर्णी निद्रा में



