रायगढ़। छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहे साइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस साइबर ठगी के नए तरीकों से लोगों को जागरूक करने के लिए शॉर्ट फिल्म तैयार कर रही है। फिल्म में रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह समेत पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग किरदार निभाते नजर आएंगे। फिल्म के माध्यम से साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे ठगी के तरीकों को कहानी के जरिए सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा तैयार की जा रही इस शॉर्ट फिल्म में म्यूल अकाउंट, एपीके फाइल समेत साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों को शामिल किया गया है। फिल्म के जरिए यह दिखाया जाएगा कि साइबर अपराधी इन माध्यमों का इस्तेमाल कर किस तरह लोगों को अपने जाल में फंसाने और उनकी मेहनत की कमाई हड़पने की कोशिश करते हैं। फिल्म की शूटिंग रायगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर की जा रही है। फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग पुलिस कंट्रोल रूम में भी की गई है। इसमें एसएसपी शशि मोहन सिंह के साथ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी कलाकारों की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दीपेश महंत और हर्ष बैरागी समेत पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी अलग-अलग किरदार निभा रहे हैं।
इस शॉर्ट फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है। फिल्म को साइबर जागृति अभियान के तहत लोगों तक साइबर अपराधों से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि साइबर ठगी के जटिल तरीकों को कहानी और दृश्य माध्यम के जरिए इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि आम लोग उन्हें आसानी से समझ सकें और ऐसे मामलों में सतर्क रहें। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि साइबर जागृति अभियान के तहत हर सप्ताह अलग-अलग कॉन्सेप्ट के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में शॉर्ट फिल्म तैयार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिल्म लघु फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। इसका उद्देश्य साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों को लोगों तक पहुंचाना और उन्हें साइबर ठगी के प्रति सतर्क करना है।
इस फिल्म में म्यूल अकाउंट और एपीके फाइल जैसे माध्यमों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। कहानी के जरिए यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि साइबर ठगी करने वाले किस तरह अलग-अलग तकनीकों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस के अनुसार, लोगों को ठगी के तरीकों की जानकारी होने से वे संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने और सावधानी बरतने के प्रति अधिक जागरूक हो सकते हैं। साइबर जागृति अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस की ओर से अलग से लघु फिल्म प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता की थीम ‘संकल्प साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ रखी गई है। प्रतियोगिता में साइबर अपराध से जुड़े विषयों पर दो अलग-अलग कैटेगरी में वीडियो और लघु फिल्म तैयार की जा सकती है।
प्रतियोगिता के तहत अधिकतम 3 मिनट का वीडियो और अधिकतम 6 मिनट की लघु फिल्म बनाई जा सकती है। तैयार फिल्म या वीडियो को त्रशशद्दद्यद्ग ष्ठह्म्द्ब1द्ग अथवा किसी अन्य विश्वसनीय फाइल होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसका लिंक [ष्शठ्ठह्लड्डष्ह्लञ्चद्घद्बद्यद्वशह्लह्यड्ड1.शह्म्द्द](द्वड्डद्बद्यह्लश:ष्शठ्ठह्लड्डष्ह्लञ्चद्घद्बद्यद्वशह्लह्यड्ड1.शह्म्द्द) पर साझा करना होगा।
दोनों कैटेगरी में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के लिए कुल 3 लाख 75 हजार रुपए तक की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता और प्रविष्टियों से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 8817420420 मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
पुलिस बनाएगी साइबर ठगी पर शॉर्ट फिल्म, कई अधिकारी निभाएंगे किरदार



