बिलासपुर। एसईसीएल मुख्यालय में 12 सितंबर 2026 को ‘राजभाषा पखवाड़ा उद्घाटन समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने की। मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन एवं निदेशक तकनीकी (संचालन) श्री रमेश चंद्र महापात्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न विभागाध्यक्षों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं श्रमसंघ प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। राजभाषा पखवाड़ा का आयोजन एसईसीएल के समस्त क्षेत्रों में भी 14 से 28 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास ने कहा कि हिंदी हमें एकसूत्र में पिरोने का कार्य करती है। उन्होंने कहा, हिंदी सरल, सुगम और सुबोध भाषा है तथा पूरे देश में इसकी व्यापक स्वीकार्यता है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, सभी अधिकारी-कर्मचारी राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में बढ़-चढक़र भाग लें। मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन ने कहा, हिंदी हमारे आपसी संवाद को सहज और प्रभावी बनाने का माध्यम है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग से कार्यों में सरलता और सहजता आती है। हमें दैनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। राजभाषा के प्रति सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र ने कहा, हिंदी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण आधार है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए। हिंदी के माध्यम से हम अपने विचारों को सहजता से व्यक्त कर सकते हैं। राजभाषा पखवाड़ा इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी एवम केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के संदेश का पठन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने राजभाषा पखवाड़े के उद्देश्यों एवं इसके अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं की जानकारी दी।



