रायगढ़। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की अर्द्धरात्रि, जब रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य अवतार हुआ था, उस अलौकिक घड़ी को याद कर आज पूरा रायगढ़ कृष्णमय हो गया है। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के गगनभेदी जयकारों से शहर का कोना-कोना गुंजायमान है। मंदिरों में फूल बंगले सजे हैं, झालरों की रोशनी से रातें दिन में बदल गई हैं और भक्तों के हृदय में नंदलाल के दर्शन की आतुरता है। धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए जन्मे योगेश्वर श्रीकृष्ण का यह जन्मोत्सव हर भक्त के लिए आस्था, प्रेम और पुण्य का संगम है।
स्वचालित झांकियों ने मोहा मन
शहर के हृदय स्थल गौरीशंकर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। 75 वर्षों से चले आ रहे ऐतिहासिक झूलाउत्सव में स्वचालित मनोहारी झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हैं। वहीं सुरक्षा के लिए बैरिकेट्स, सीसीटीवी और पुलिस व्यवस्था चाक-चौबंद है।
शुभ मुहूर्त- अर्द्धरात्रि 12 बजे पवित्र मंत्र -? नमो भगवते वासुदेवाय के साथ गौरीशंकर मंदिर में 56 भोग, माखन-मिश्री, पंजरी व खीरे का महाप्रसाद अर्पित कर और फूलों की वर्षा कर श्री कान्हा का जन्म दिन मनाया गया।
माखन-मिश्री से सजा कान्हा का दरबार

ठीक अर्द्धरात्रि 12 बजे जैसे ही शंखनाद के साथ भगवान के जन्म की घोषणा हुई, पूरा मंदिर परिसर नंद घर आनंद भयो के जयकारों से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, 56 भोग अर्पित कर महाआरती की गई। इस दौरान भक्तों पर फूलों की वर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण वृंदावन जैसा दिव्य हो गया। श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य को देख भाव-विभोर हो उठे। आज कृष्ण जन्माष्टमी महापर्व की खुशी में दर्शन पूजन करने दूर दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण पहुंचे। देश प्रसिद्ध गौरीशंकर मंदिर में सुबह से रात बारह बजे तक हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही।वहीं मंदिर परिसर में लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान सजग नजऱ आए सीसीटीवी कैमरे के साथ विशेष निगरानी की जा रही है। वहीं दर्शन पूजन के लिए पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग से बैरिकेट्स बनाए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालुओं को दिक्कतें न हो। जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिरों में देर रात तक भजन-कीर्तन मंडलियों द्वारा मधुर संकीर्तन चलता रहा। ‘राधे-राधे’, ‘गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आए। श्याम बगीची में विशेष भजन संध्या का आयोजन किया गया, जहां भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुति से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कृष्ण जन्माष्टमी पर पूरे शहर में भक्तिमय हुआ धार्मिक माहौल
ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिरों में गूंजने लगे शंख, घंटा और जय कन्हैया लाल की के जयकारे शहर के गौरीशंकर, श्याम बगीची सहित सभी मंदिरों में आकर्षक विद्युत सज्जा और फूल बंगले से सजाया गया और घर-घर में सजे लड्डू गोपाल, महिलाओं ने रखा व्रत और किया कृष्ण भगवान का अभिषेक वहीं मथुरा-वृंदावन जैसा बना रायगढ़ का नजारा रहा गली-गली में बजी बांसुरी और घंटी की धुन। बाजारों में माखन-मिश्री, बांसुरी और कान्हा के श्रृंगार की जमकर खरीदारी हुई। बच्चों ने भी कृष्ण जन्माष्टमी महापर्व को उत्साह के साथ मनाया। जगह-जगह भंडारा, शरबत और प्रसाद वितरण से सेवा भाव का पवित्र नजारा। और देर रात तक भजन-कीर्तन और झांकियों के दर्शन को उमड़ा रहा जनसैलाब और हजारों श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक एवं यादगार ढंग से मनाया श्री कृष्ण जन्माष्टमी महापर्व।
महाभंडारा एवं प्रसाद वितरण
जन्मोत्सव के पावन अवसर पर शहर की सामाजिक संस्थाओं द्वारा जगह-जगह विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया। गौरीशंकर मंदिर परिसर के समीप भी हजारों श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क प्रसाद, खिचड़ी, पूड़ी-सब्जी और शरबत की व्यवस्था की गई। सुबह से देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
ब्राह्मण सेवा समिति ने धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

रायगढ़। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य पर्व जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शहर में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसी क्रम में ब्राह्मण सेवा समिति एवं मारवाड़ी ब्राह्मण महिला सेवा समिति द्वारा संयुक्त तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। समिति के सदस्यों ने विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर समस्त समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।वहीं इस अवसर पर रामनिवास टॉकीज चौक, दीपक मेडिकल के सामने विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों कृष्ण भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
वित्त मंत्री ओपी भंडारे में हुए शामिल
इस दिव्य महाभंडारे में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष मत्था टेका, प्रसाद ग्रहण किया और अपने हाथों से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस दौरान उन्होंने समस्त शहरवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता के सूत्र में बांधते हैं। उनके पहुंचने पर समिति के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत किया।
ओडिशा सहित अन्य जिले से पहुंचे श्रद्धालु
ऐतिहासिक श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेला को देखते हुए रायगढ़ जिला ही नहीं, बल्कि जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बिलासपुर जिला के अलावा अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मेला में अपनी हिस्सेदारी निभाई है। श्रद्धालुओं का कहना था कि रायगढ़ की जन्माष्टमी का अलग ही महत्व है। यहां की भव्यता हर साल बढ़ते ही जा रहा है, जो बरबस ही उन्हें खींच लाता है। इस अवसर पर छोटे बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। नन्हे-मुन्नों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा की वेशभूषा धारण कर झांकियों में भाग लिया।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। मेले स्थल और प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किए गए। जगह-जगह पार्किंग स्थल बनाए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। इसके अलावा अभी तीन दिनों तक मेला लगने वाले मार्ग पर चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
मटकी फोड का हुआ आयोजन
शहर में इस बार मटकी फोड़ का विशाल आयोजन किया गया है। इसके लिए शहर के हंडी चौक और सुभाष चौक में विगत दो दिनों से तैयारी चल रही है, जो शुक्रवार शाम तक त्यारी पूर्ण हो सकी। इसके अलावा पुत्री शाला चौक सहित गली-मोहल्लो में भी आयोजन किया गया है। जिससे देर रात तक कान्हा की टोलियों ने घुम-घुमकर मटकी फोड आयोजन में भाग लिया। जिससे शहर में देर रात तक भीड़भाड़ का माहौल देखने को मिला।



