सारंगढ़। बस स्टैंड पर बीते दिनों बस एजेंटों के बीच हुई तीखी बहस और खूनी झड़प के बाद पुलिस व स्थानीय प्रशासन सख्त रवैये में नजर आ रहा है। सवारी बिठाने और बस रूट को लेकर हुए हिंसक विवाद को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बस स्टैंड पर अचानक दबिश दी और अवैध रूप से संचालित हो रही बसों व एजेंटों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू हुआ। एजेंटों के विवाद से शुरू हुआ मामला ?गौर तलब है कि बीते दिनों सारंगढ़ बस स्टैंड पर सवारी बिठाने की बात को लेकर बस एजेंटों के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते यह बहस मारपीट और खूनीझड़प में बदल गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की थी। हालांकि, मामला यहीं शांत नहीं हुआ। इस घटना से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन ने बस स्टैंड की व्यवस्था सुधारने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अभियान छेड़ दिया है।
पुलिस टीम ने बस स्टैंड पहुंचकर बसों के परमिट, रूट चार्ट, इंश्योरेंस और चालकों के दस्तावेज की गहनता से जांच की। बिना परमिट, अधूरे कागजात और ओवरलोडिंग के साथ सडक़ों पर दौड़ रही बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि- गंभीर लापरवाही और बिना वैध परमिट के संचालित होने वाली बसों को जब्त किया जाएगा। बस स्टैंड परिसर में अवैध रूप से सक्रिय एजेंटों, दादागिरी करने वाले तत्वों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस पैनी नजर रख रही है। पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और बस स्टैंड पर किसी भी तरह की गुंडागर्दी या अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से बिना परमिट बस चलाने वाले संचालकों व अवैध एजेंटों में हडक़ंप मच गया है।
एजेंटों की खूनी झड़प के बाद जागा प्रशासन परमिट, कागजात, ओवर लोडिंग की जांच शुरू



