रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने आज नारी शक्ति सम्मान समारोह’ आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, पत्रकारिता, साइबर सुरक्षा, कला-संस्कृति, कृषि, उद्यमिता और सामाजिक सेवा समेत अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। राज्य महिला आयोग के 25 साल पूरे होने पर महिला आयोग की नई अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें सीएम विष्णुदेव साय के साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का फोकस महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार, उद्यम और आर्थिक गतिविधियों से जोडऩे की जरूरत है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से ज्यादा महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। अब तक योजना की 31 किस्तें जारी हो चुकी हैं।
13.85 लाख ‘लखपति दीदी’, 481 महतारी सदन बन रहे
साय ने बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खेती, वनोपज और छोटे कारोबार के साथ तकनीकी कामों में भी आगे बढ़ रही हैं। महिला समूहों की गतिविधियों के लिए प्रदेश में 481 महतारी सदन बनाए जा रहे हैं। वहीं ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ के तहत 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
महिला आयोग को गांवों तक पहुंचने की सलाह
मुख्यमंत्री ने महिला आयोग की नई अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए कहा कि आयोग को सिर्फ शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं रहना चाहिए। गांवों, कस्बों और दूरदराज के इलाकों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी देनी चाहिए।
संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी जरूरी
साय ने महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति के पंजीयन को भी महिला सशक्तिकरण से जोड़ा। उनके मुताबिक, महिला के नाम संपत्ति होने से उसका आर्थिक आधार मजबूत होता है और परिवार के फैसलों में उसकी भूमिका बढ़ती है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं होगा। इसके लिए बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने के साथ समाज की सोच में भी बदलाव जरूरी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के तौर पर मनाने का फैसला किया है। सरकार का दावा है कि इस दौरान महिलाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े अवसरों पर फोकस किया जा रहा है।



