पखांजुर। कोयलीबेड़ा विकासखंड अंतर्गत लखनपुर ग्राम पंचायत के पी.व्ही.-22 में स्थित शासकीय स्कूल भवन इन दिनों बदहाली का शिकार है। ष्ठहृ्य प्रोजेक्ट के तहत करीब 50 से 60 वर्ष पूर्व निर्मित इस स्कूल भवन की हालत समय के साथ लगातार जर्जर होती गई है। इसके बावजूद इसी भवन में आज भी नौनिहाल अपनी पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल भवन काफी पुराना हो चुका है और कई स्थानों पर इसकी स्थिति खराब है। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान कक्षा के भीतर पानी आने से पढ़ाई प्रभावित होती है और बच्चों को बैठने में भी दिक्कत होती है। वहीं, जर्जर भवन के बीच बच्चों की कक्षाएं संचालित होने से कभी भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
स्कूल में पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण पहली कक्षा से लेकर अन्य कक्षाओं के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर पढ़ाने से शिक्षकों के सामने भी शिक्षण कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने की चुनौती बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों के लिए अलग-अलग कक्ष होना आवश्यक है, ताकि शिक्षक प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों पर पर्याप्त ध्यान दे सकें। लेकिन वर्तमान में जगह की कमी के कारण बच्चों को एक ही कमरे में बैठकर पढऩा पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता और पढ़ाई का वातावरण भी प्रभावित होता है।
दशकों पुराने भवन पर अब अतिरिक्त कक्ष की जरूरत
ग्रामीणों के मुताबिक ष्ठहृ्य प्रोजेक्ट के तहत निर्मित इस स्कूल भवन को बने हुए कई दशक बीत चुके हैं। समय के साथ भवन की मरम्मत और आवश्यक सुविधाओं की जरूरत बढ़ती गई, लेकिन स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या और कक्षाओं की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध नहीं हो सका।
वही गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्कूल भवन की स्थिति में सुधार करना बेहद जरूरी है। केवल जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। भवन की तकनीकी स्थिति की जांच कराने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं नए अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि पी.व्ही.-22 स्कूल भवन का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। भवन की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए तथा विद्यार्थियों की संख्या और कक्षाओं की आवश्यकता को देखते हुए अतिरिक्त कक्ष का निर्माण जल्द से जल्द स्वीकृत किया जाए। ग्रामीणों के अनुसार शिक्षा के लिए सुरक्षित और पर्याप्त भवन उपलब्ध कराना बच्चों के हित में बेहद जरूरी है। यदि समय रहते स्कूल भवन की मरम्मत और अतिरिक्त कक्ष की व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले समय में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की बात की,ताकि पी.व्ही.-22 के बच्चों को जर्जर भवन और सीमित कक्षों की समस्या से राहत मिल सके तथा उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिल सके।



