रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस के लिए भूमि चिन्हांकित किए बिना प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा कॉलोनाइजरों से निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। जिला कलेक्टोरेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में मैदानी स्तर पर प्रभावी परिणाम लाने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने बारिश से प्रभावित स्कूल, आश्रम एवं छात्रावासों तक पहुंचने वाले सडक़ मार्गों तथा पुल-पुलियों का चिन्हांकन कर सूची तैयार करने और खनन प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे आवश्यक कार्यों को डीएमएफ से स्वीकृत कराने के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध अतिक्रमण एवं दूसरे की भूमि पर कब्जे से संबंधित शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करें। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की समीक्षा करते हुए ऐसे हितग्राहियों जिनके खातों में आवास निर्माण की राशि पहुंच चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, उनका आवास निर्माण शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण में रुचि नहीं लेने वाले हितग्राहियों के मामलों में नियमानुसार राशि वसूली की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित लक्ष्य एवं प्रगति और पीएम आशा योजना के तहत जिले में आठ नए केंद्रों के लिए भेजे गए प्रस्ताव की जानकारी ली।
कलेक्टर ने जिले के स्कूलों, छात्रावासों एवं आश्रमों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सर्वे की भी समीक्षा की। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं नशीली औषधियों एवं अवैध शराब के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने को कहा। कलेक्टर ने पशुपालकों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक पशु दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला एवं विकासखंड स्तर पर पशु औषधि विक्रय केंद्र स्थापित किए जाने की प्रक्रिया की जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र एवं सहकारी समितियों के माध्यम से केंद्र स्थापित करने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन अधिकार पट्टाधारियों (एफआरए धारकों) के एग्रीस्टैक के तहत पंजीयन एवं डिजिटल फार्मर आईडी बनाए जाने की प्रगति की जानकारी ली।
अवैध शराब और नशीली दवाओं पर सख्ती
कलेक्टर ने जिले में अवैध शराब की बिक्री, परिवहन एवं नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में नियमित निगरानी बढ़ाते हुए प्राप्त शिकायतों पर तत्काल जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जल जीवन मिशन के कार्यों में लाएं तेजी
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले के शत-प्रतिशत घरों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। शासन के निर्देशानुसार ‘हर घर जल’ के तहत एक विकासखंड का चयन कर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने की दिशा में कार्ययोजना के साथ आगे बढऩे को कहा। उन्होंने ऐसे ठेकेदारों के संबंध में जानकारी ली, जिनके द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
घायल व्यक्तियों को मिले योजना का लाभ
कलेक्टर ने सडक़ दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के उपचार के दौरान शासन द्वारा निर्धारित प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रावधानों का लाभ पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों में उपचार की प्रक्रिया और योजना के उपयोग को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में योजनाओं के उपयोग की नियमित निगरानी करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि एक ही प्रकरण में उपचार के लिए निर्धारित योजना के स्थान पर अन्य योजना का उपयोग नियमों के विपरीत न हो।



