सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशानुसार एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी उत्तम प्रसाद के मार्गदर्शन में जिले में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा बाल विवाह, बाल श्रम एवं बाल शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों की रोकथाम करना रहा।
इस अगस्त माह में जिले के विभिन्न छात्रावासों एवं स्कूलों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, पॉक्सो अधिनियम, बाल श्रम की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों तथा किसी भी प्रकार की समस्या या संकट की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। साथ ही साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की परियोजना स्तरीय बैठक आयोजित कर उन्हें अपने क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने तथा बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही फोस्टर केयर एवं दत्तक ग्रहण सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को उचित देखभाल, संरक्षण एवं पुनर्वास से जोडऩे की जानकारी भी दी गई। इन जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बालक बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम तथा बच्चों से संबंधित किसी भी समस्या की समय पर पहचान कर उसका समाधान सुनिश्चित करना है। कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय एवं मैदानी कार्यकर्ताओं को भी जागरूक किया गया। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण अथवा बच्चों से संबंधित किसी भी संकट की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करने अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग करने अपील की है।
बाल संरक्षण व अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों से बचने की समझाइश, बालक बालिकाओं को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण, पाक्सो एक्ट की दी जा रही जानकारी



