रायगढ़। जिले में भालूनारा से रॉबर्ट्सन तक खराब सडक़ बनवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। आंदोलन के चौथे दिन बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की और सडक़ निर्माण का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
ग्रामीण गुरुवार को भी नवागांव सडक़ पर धरना दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने सडक़ निर्माण की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। आसपास के 6-7 गांवों के लोग भी अभियान में शामिल हुए और सडक़ बनवाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर किए। दोपहर बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सडक़ के गड्ढे भरने और शुरुआती मरम्मत की तैयारी भी की जा रही थी। लेकिन ग्रामीण सडक़ पर आ गए और उन्होंने कहा कि सिर्फ गड्ढे भरने से काम नहीं चलेगा, पूरी सडक़ का निर्माण किया जाए। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि सडक़ पर वाहनों को रोकने की अनुमति नहीं है और ऐसा करने पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद ग्रामीणों ने सडक़ निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
कई गांवों के लोग परेशान
ग्रामीणों का कहना है कि सडक़ की हालत लंबे समय से खराब है। इससे भालूनारा, रॉबर्टसन, नवागांव, पामगढ़, रजघट्टा, छोटे डूमरपाली और बड़े डूमरपाली समेत कई गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है। खराब सडक़ के कारण लोगों को रोज आने-जाने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने सडक़ निर्माण की मांग को लेकर मौके पर जमकर नारेबाजी भी की।
लिखित में मिला सडक़ निर्माण का आश्वासन
इसी दौरान खरसिया विधायक उमेश पटेल भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसडीएम और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। काफी देर तक चर्चा के बाद एसडीएम ने ग्रामीणों को लिखित में आश्वासन दिया कि 1 अक्टूबर से सडक़ का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने सहमति जताई और अपना आंदोलन खत्म कर दिया।



