धरमजयगढ़। पुटूकछार में चार दिनों से रपटा पुल के डूबे होने और स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों के आवागमन प्रभावित होने की खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी धरमजयगढ़ गांव पहुंचे और मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए ग्रामीणों की समस्याओं को समझा।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आवागमन की समस्या को दूर करने के लिए जल्द वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि एक वैकल्पिक रास्ता पहले से मौजूद है, लेकिन वह वर्तमान में पूरी तरह कीचडय़ुक्त और आवागमन के लिए परेशानी भरा है। प्रशासन ने इस मार्ग को कंक्रीट सडक़ के रूप में विकसित कर वैकल्पिक आवागमन मार्ग तैयार करने का आश्वासन दिया है।
मौके पर अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। रपटा पुल के डूबने से स्कूली बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों के आवागमन तथा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर पैदा हुई परेशानियों को भी गंभीरता से समझा गया।
तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में राहत और उम्मीद की भावना दिखाई दी है।
गौरतलब है कि लगातार चार दिनों से रपटा पुल के ऊपर पानी बहने के कारण पुटूकछार का आवागमन प्रभावित था और स्कूली बच्चे विद्यालय नहीं जा पा रहे थे। खबर सामने आने के बाद प्रशासन के मौके पर पहुंचने और वैकल्पिक मार्ग के निर्माण का आश्वासन दिए जाने से ग्रामीणों को तत्काल राहत की उम्मीद जगी है।
अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि वैकल्पिक मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया कितनी तेजी से शुरू होती है और कब तक यह रास्ता आवागमन के लिए तैयार हो पाता है।
पुटूकछार के डूबे रपटा पुल पर प्रशासन की नजर, वैकल्पिक मार्ग का दिया आश्वासन



